ग्वालियर ( स्टुडियो संवाददाता )। ग्वालियर में इस साल ‘‘तानसेन समारोह’’ 22 से 26 दिसम्बर तक आयोजित होगा। समारोह में इस बार कुल 9 संगीत सभायें होंगी। पहली 7 संगीत सभायें सुर सम्राट तानसेन की समाधि और मोहम्मद गौस के मकबरा परिसर में होंगी। जहां एक भव्य मंच बनाया जायेगा। समारोह की आठवीं सभा सुर सम्राट तानसेन की जन्मस्थली बेहट में झिलमिल नदी के किनारे होगी। समारोह की नौवीं और आखिरी संगीत सभा 26 दिसम्बर की शाम गूजरी महल में आयोजित होगी।
अनूप जलोटा की भजन संध्या
उच्चशिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया की पहल पर तानसेन संगीत समारोह में नए आयाम भी जोड़े गए हैं। तानसेन समारोह की पूर्व संध्या यानि 21 दिसम्बर को सायंकाल हजीरा चौराहे पर उप शास्त्रीय संगीत का कार्यक्रम पूर्वरंग ‘‘गमक’’ होगा। गमक में मशहूर भजन गायक अनूप जलोटा की प्रस्तुति होगी। आदिवासी लोक कलाकारों के 2 दल किलागेट से नृत्य करते हुए हजीरा चौराहे पर गमक के मंच तक पहुँचेंगे। समारोह की अंतिम संगीत सभा इस बार भी किला परिसर में होगी। यह सभा शास्त्रीय संगीत के महान पोषक राजा मानसिंह तोमर की प्रेयसी मृगनयनी के नाम से बने गूजरी महल में सजेगी।
समारोह की तैयारियों के सिलसिले में संभागायुक्त एसएन रूपला की अध्यक्षता में स्थानीय आयोजन समिति की बैठक हुई। श्री रूपला ने अधिकारियों को समारोह की सभी व्यवस्थायें समय और गरिमा के अनुरूप किये जाने के निर्देश दिये हैं। तानसेन समारोह को और गरिमापूर्ण बनाने के लिये समिति के सदस्यों ने सुझाव भी दिए। साडा अध्यक्ष राकेश जादौन ने तानसेन अलंकरण के तहत दी जाने वाली सम्मान राशि बढ़ाने का सुझाव दिया है। कलेक्टर राहुल जैन ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि तानसेन समारोह के कलाकारों को सम्मान स्वरूप शॉल.श्रीफल के साथ स्मृति चिन्ह भी प्रदान करें। उन्होंने समारोह की व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से अंजाम देने के लिये मुख्य समारोह परिसर में एक कंट्रोल रूम स्थापित करने के लिये भी कहा है। समिति के सदस्यों ने तानसेन समारोह की सभाओं में स्थानीय संगीत महाविद्यालयों के विद्यार्थियों की ज़्यादा से ज़्यादा भागीदारी पर ज़ोर दिया।

