दिल्ली ( संवाददाता, इंडिया स्टुडियो )। भारत,अमेरिका,रूस,ताईवान,अर्जेंन्टिना और इजिप्ट के कलाकारों की विशिष्ट कला प्रस्तुतियों के साथ दिल्ली में ग्याहरवें इंटरनेशनल आर्ट्स फेस्टिवल का धमाकेदार आगाज हो गया है। पुराने किला पर आयोजित शुभारंभ समारोह में भारत के साथ विदेशी कलाकारों ने विविध नये-पुराने नृत्य विधानों पर आधारित अनूठी और सराहनीय प्रस्तुतियां दीं। भारत की ओर से जहां प्रतिभा प्रहलाद ने ध्यान,योग और संगीत पर आधारित प्रस्तुति ‘ वंदे मातरम्’ से दर्शकों को दिल जीता। वहीं ताइवान के ताई बॉडी थिएटर ने हू डिंक्स देअर, अर्जेन्टिना के मैन्ड्रेगोरा सर्को ने ए सर्कस थिएटर, अमेरिका के टेरा कैथेरिन और बिली ने फ्यूज़न डांस, रूस के फेलिक्स मिखाईलोव ने डांस टू फ्लाई और इजिप्ट के अल मेन्या और डरविश ने लोक नृत्य की उत्कृष्ट प्रस्तुतियां दीं।



दिल्ली में दुनिया के कलाकारों का ये अब तक का सबसे बड़ा समागम है। इसमें पंद्रह दिनों तक 26 देशों के कोई डेढ़ हज़ार कलाकार दिल्ली की 25 ख़ास जगहों पर अपनी कला प्रस्तुतियां देंगे। पुराना किला,कुतुब मीनार, सेंट्रल पार्क, सिविल सर्विस ऑफिसर्स इन्स्टीट्यू, आईजीएनसीए और कमानी ऑडिटोरियम, इंडिया हैबिटेट सेंटर, बीकानेर हाउस में यह आयोजन जारी रहेंगे। इस दौरान नृत्य, संगीत,नाटक,कठपुतली,कवि सम्मेलन जैसे दर्जनों कार्यक्रम होंगे। प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। दिल्ली अंतरराष्ट्रीय कला महोत्सव के कलाकार राजधानी के डेढ़ दर्जन स्कूलों का दौरा भी करेंगे । इस तरह स्कूली बच्चों को दुनिया के विभिन्न देशों की विरासतों, सांस्कृतिक मूल्यों, परंपराओं की जानकारी मिल सकेगी। खास बात यह है कि इस बार महोत्सव में ‘सवच्छता ही सेवा‘ को मूल कॉन्सेप्ट के रूप पर शामिल किया गया है। बाल दिवस 14 नवंबर के मौके पर दिल्ली में बाल फिल्म उत्सव का भी आयोजन किया जा रहा है। आर्ट्स फेस्टिवल का आयोजन भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और दिल्ली सरकार ने मिलकर किया है। दीप प्रज्जवलन के कार्यक्रम में संस्कृति मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव सुश्री सुजाता प्रसाद के साथ ताईवान के चुंग क्वांग थियन और रूस से आये अतिथि भी शामिल हुए। दिल्ली इंटरनेशनल आर्ट्स फेस्टिवल की संस्थापक प्रतिभा प्रहलाद ने कहा, दिल्ली आर्ट्स फेस्टिवल दुनिया के प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय महोत्सवों में से एक है। इस फेस्टिवल में हम कला के पारंपरिक, लोक, शास्त्रीय एवं आधुनिक रूपों को एक ही मंच पर पेश करते हैं। तभी तो दिल्ली कला महोत्सव दुनिया के प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय कला महोत्सवों के समकक्ष है।


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