दिल्ली ( कला संवाददाता )। दिल्ली मं 10वां बाल संगम जारी है। पांच दिवसीय इस उत्सव में देश के अलग-अलग राज्यों से आये बाल कलाकार और उनके समूह अपनी विशिष्ट प्रस्तुतियां दे रहे हैं। इस बार उत्सव पारंपरिक कलाओं पर केंद्रित है। बाल संगम में इस बार बांग्लादेश के भी कलाकार आये हैं।

बाल संगम के दौरान गोवा के मश्तिफंड संस्था ने दशावतार दर्शन कालो का प्रदर्शन किया। असम की नटराज मंडली के बच्चों ने भोर्तल नृत्य, थियनाम, दीनानम, घोसनम, ओन्गक्का वैनो, देवघनी जैसे पारंपरिक नृत्यों का प्रदर्शन किया। इसी तरह भुवनेश्वर की अराधना नृत्य अकादमी के बच्चों ने गोतिपुआ लोक नृत्य का प्रदर्शन किया। यह नृत्य नौजवान युवक करते हैं। भगवान जगन्नाथ और भगवान कृष्ण की प्रशंसा में वे महिलाओं के वेष में सजते हैं। इसमें राधा और कृष्ण के जीवन से प्रेरित कलाबाज़ियों का समायोजन भी शामिल है। संगम में कोझिकोड, केरल के बच्चों ने मेयुप्यट्टू की प्रस्तुति दी। इस प्रदर्शन में बच्चों ने मार्शल आर्ट की तरह शारिरिक नियंत्रण और लय का विशिष्ट प्रदर्शन किया।

