इंदौर ( स्टुडियो संवाददाता / तस्वीरें: तनवीर फारूकी ) । इंदौर प्रेस क्लब में शनिवार 22 अक्टूबर की शाम, वरिष्ठ पत्रकार एवं रंगकर्मी स्व. आदिल कुरैशी के आकस्मिक निधन पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। पत्रकारिता,कला और समाज के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया गया। गीतकार स्वानंद किरकिरे ने आदिल जी के निधन को जहां व्यक्तिगत क्षति बताया, वहीं थिएटर और फिल्म एक्टर वीरेंद्र सक्सेना ने उनके जीवंत व्यक्तित्व को याद किया। कहा, कलाकारों के बीच वो एक उम्मीद की किरण थे। वो हमेशा हमारे साथ रहेंगे। राजेंद्र माथुर सभागार में आयोजित स्मरण सभा को नईदुनिया के पूर्व संपादक श्रवण गर्ग, दैनिक भास्कर के पूर्व संपादक हेमंत शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार और लेखक प्रकाश हिंदुस्तानी, संस्कृतिधर्मी अनिल त्रिवेदी, अरूण डिके, किशोर कोडवानी, पूर्व विधायक अश्विन जोशी, रंगकर्मी सुशील गोयल, सुशील जौहरी, रवि महाशब्दे, चिन्मय मिश्र, सत्यनाराण व्यास, भालू मोंढें, तपन मुखर्जी ने भी संबोंधित किया।

अश्विन जोशी ने रंगशाला और फनकार जैसी कला संस्थाओं में आदिल कुरैशी के योगदान को याद किया। नाटकों के टिकिट बेचने की अपनी भूमिका को याद किया। आशा जताई कि इंदौर में मराठी कलाकारों की तरह हिंदी रंगमंच भी और आगे बढ़ेगा। वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिंदुस्तानी ने अपने संबोंधन में आदिल जैसी प्रतिभाओं के साथ मीडिया के क्षेत्र में होने वाले व्यवहार के प्रति ध्यान आकर्षित किया। अनिल त्रिवेदी ने भी उनके निधन पर गहरा दु;ख जताया। सभा में दिल्ली और मुंबई में मौजूद उनके करीबी मित्रों की तरफ से भी श्रद्धाजंलि दी गई।


आदिल भाई की इस शोक सभा में बहुत से साथियों की आंखे नम थी। उनके आकस्मिक निधन की ख़बर से सभी स्तब्ध थे। कार्यक्रम में शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली, चिन्मय मिश्र, अखिल हार्डिया, रवि वर्मा, तनवीर फारूकी,श्रीमती ऋतिका और राघवेंद्र सिंह बघैल, संदेश व्यास, प्रांजल श्रोत्रिय, आलोक वाजपेयी, राजेश दुबे रज्जू , आलोक जैन जैसे उनसे जुड़े रहे कई साथी कलाकार मौजूद थे। आदिल, पिछले कुछ दिनों से बीमार थे। उनका इंदौर के ही बॉम्बे हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था।

