रायपुर ( कला संवाददाता )। रायपुर के वृंदावन हॉल में 11 दिसंबर से “थिएटर एप्रिसिएशन कोर्स” जारी है। दस दिन के इस कोर्स के माध्यम से करीब छत्तीसगढ़ और बाहर से आये कलाकार थिएटर की बारीकियां सीख रहे हैं। थिएटर के दिग्गज उन्हें इस कला माध्यम से संबंधित विविध जानकारियां देने के साथ ज़रूरी ट्रेनिंग भी दे रहे हैं। आपको बता दें यह कोर्स राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के सहयोग से छत्तीसगढ़ फ़िल्म एंड विजुअल आर्ट सोसायटी ने आयोजित किया है। यह कोर्स सीनियर थिएटर आर्टिस्ट और ख्यात आर्ट डायरेक्टर जंयत देशमुख के नेतृत्व में चल रहा है। रानावि से प्रशिक्षित दीपक लोहार एप्रिसिएशन कोर्स के समन्वयक हैं।

कोर्स के शुभारंभ समारोह में एनएसडी के पूर्व निदेशक, देवेंद्र राज ने संबोधित किया। उन्होंने कहा, सभी कलाओं में नाटक ही एकमात्र जीवंत कला है। बाक़ी कला माध्यमों में भले ज़रूरत ना हो लेकिन नाटक के लिए दर्शक और कलाकार का होना ज़रूरी है । प्रशिक्षण देने आये रॉबीन हुड ने कलाकारों से कहा, यह पूर्ण समर्पण की कला है, सीखने और कुछ कर गुज़रने के लिए एक किस्म की दीवानगी और जुनून भी होना ज़रूरी है।

फिलहाल सीनिएर थिएटर एक्टर आलोक चटर्जी नये कलाकारों को अभिनय का प्रशिक्षण दे रहे हैं। किसी किरदार को मंच पर जीवंत करने के लिये मनो-शारिरिक अभिव्यक्ति और उसके पहलुओं से कलाकारों को अवगत करा रहे हैं।

प्रशिक्षण के साथ ही आयोजन में फिल्म फेस्टिवल का भी आयोजन किया गया। इसमें दानिश इक़बाल की फ़ीचर फ़िल्म ‘साधो’ का प्रर्दशन हुआ। साथ ही बॉलीवुड एक्टर शशि कपूर के अभिनय से सजी फ़िल्म ‘न्यू दिल्ली टाईम्स’ दिखाई। दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

