विश्व संगीत दिवस पर इंदौर में युवा गायिका शिल्पा मसूरकर का कृष्णपुरा छत्री पर गायन। शिल्पा ने गायन की शुरुआत राग भैरव से की। विलम्बित एक ताल में, -‘बिना हरि कौन’ , मध्यलय त्रिताल में ‘ मेरो अल्लाह मेहरबान’ और फिर दादरा में अंतिम रचना-काले काले बादल बरसन लागे’ पेश की। उनके साथ तबले पर अनिल पवार और हारमोनियम पर रोहित अग्निहोत्री ने संगत की।
इंदौर में वीणा सहस्त्रबुद्धे की स्मृति में सुलेखा भट का गायन की झलक। उन्होंने विलम्बित एक ताल में राग पूरिया धनाश्री में ‘सखी आये रे’ और मध्य ताल में ‘मुश्किल करो आसान ख्वाजा मोईनुद्दीन अजमेरी’ में पेश किया।

