Thursday, October 15, 2026
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इंदौर में 1जुलाई से ‘अभिनव रंगमंडल’ की थियेटर वर्कशॉप,रजिस्ट्रेशन जारी

कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। युवाओं के अभिनय कौशल को निखारने और उन्हें मंच की गहराइयों से जोड़ने के लिए शहर में एक 21 दिवसीय प्रस्तुति-परक नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। ‘अभिनव रंगमंडल‘ (उज्जैन/इंदौर) के तत्वावधान में यह कार्यशाला 1 जुलाई से 21 जुलाई तक मनमोहन मेहता ऑडिटोरियम में आयोजित होगी। शिविर निदेशक और अभिनव रंगमंडल के प्रमुख शरद शर्मा ने बताया कि इस कार्यशाला का संचालन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD), नई दिल्ली के वरिष्ठ स्नातक एवं खैरागढ़ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, प्रसिद्ध रंगकर्मी डॉ. योगेंद्र चौबे (छत्तीसगढ़) और रणधीर कुमार (बिहार) करेंगे। शिविर नियंत्रक की भूमिका अंकित दास निभाएंगे।फाइल फोटो: डॉ. योगेंद्र चौबे, रंगकर्मियों से चर्चा करते हुए। सफल रहा है पुराना इतिहास:
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवा रंगकर्मियों को रंगमंच की बारीकियों से अवगत कराना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करना है। उल्लेखनीय है कि संस्था द्वारा पूर्व में प्रशिक्षित कई कलाकार आज फिल्मों, वेब सीरीज और टीवी सीरियल्स में अपनी पहचान बना चुके हैं। इसके अलावा, कई कलाकारों का चयन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय (MPSD) में भी हुआ है। इन कलाकारों को महाराष्ट्र, गुजरात, असम, मेघालय, पंजाब, और राजस्थान सहित कई राज्यों में अपनी कला के प्रदर्शन का अवसर मिल चुका है।फाइल फोटो: डॉ. योगेंद्र चौबे, एक कार्यक्रम के दौरान। पहले दिन से ही शुरू होगी प्रोडक्शन की तैयारी:
इस कार्यशाला की सबसे अनूठी विशेषता यह है कि प्रतिभागी पहले दिन से ही सीधे नाट्य-निर्माण (प्रोडक्शन) प्रक्रिया से जुड़ जाएंगे। यहाँ प्रशिक्षण और नाटक की तैयारी साथ-साथ चलेगी, जो 21वें दिन एक भव्य सार्वजनिक नाट्य प्रस्तुति के रूप में दर्शकों के सामने आएगी। प्रतिभागियों को प्रतिदिन 4 से 5 घंटे का कड़ा अभ्यास कराया जाएगा, जिसमें वाणी, उच्चारण, शारीरिक अभिव्यक्ति, तात्कालिक अभिनय (इम्प्रोवाइजेशन), स्क्रिप्ट विश्लेषण और मंच अनुशासन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। फाइल फोटो: डॉ. योगेंद्र चौबे निर्देशित नाटक पहेटिया का एक दृश्य।तीन चरणों में बंटा है वैज्ञानिक पाठ्यक्रम:
प्रथम सप्ताह (रंगमंच परिचय एवं स्क्रिप्ट वाचन): समूह निर्माण, स्क्रिप्ट विश्लेषण, पात्र चयन (कास्टिंग) और मंचीय गतियां (ब्लॉकिंग)। द्वितीय सप्ताह (अभिनय विकास एवं प्रोडक्शन): उन्नत चरित्र निर्माण, संवाद अदायगी, लय और तकनीकी पक्षों (लाइट्स, संगीत, सेट, प्रॉप्स और वेशभूषा) पर कार्य।तृतीय सप्ताह (प्रस्तुति की तैयारी): तकनीकी रिहर्सल, रन-थ्रू और फुल ड्रेस रिहर्सल। कार्यशाला के समापन पर तैयार नाटक का मंचन किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे। शरद शर्मा के अनुसार चूँकि वर्कशॉप के लिये सीटें सीमित हैं, रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं, इसलिये इंदौर,उज्जैन के नवोदित कलाकार नीचे दिये गये गूगल लिंक पर अपना नाम तुरंत रजिस्टर कर सकते हैं ।
गूगल के इस लिंक पर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं-https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSf6QhUwwcuixKG3dkEUuMMv8T-MIkXy5pwWh8KES4lxHk35dw/viewform 

 

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