24 सितंबर की शाम दिल्ली के विज्ञान भवन में 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का समापन हुआ। आइये जानते हैं कैसा रहा ये समारोह, इसमें किन कलाकारों को मिले कौन से पुरस्कार। दिल्ली के विज्ञान भवन में मंगलवार 23 सिंतबर की शाम शानदार रही। मौका था देश की सिने प्रतिभाओं के सम्मान का। इस गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय सिनेमा की बेहतरीन प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इसमें महान अभिनेता श्री मोहनलाल को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दक्षिण भारत के इस बेमिसाल अभिनेता ने 360 से ज़्यादा फिल्मों में अभिनय किया है। राष्ट्रपति ने उनके रंगमंच से सिनेमा तक के सफर का ज़िक्र किया। उन्होंने मोहनलाल अभिनीत संस्कृत नाटक ‘कर्णभारम’ से लेकर ‘वानप्रस्थम’ तक की यात्रा को हमारे देश की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत चित्रण बताया। मोहनलाल ने पुरस्कार को मलयालम फिल्म उद्योग के दिग्गजों को समर्पित करते हुए कहा, सिनेमा मेरी आत्मा की धड़कन है। उन्होंने ये भी कहा मेरे लिये ये पुरस्कार जादुई और पवित्र है।
जब शाहरुख खान को फिल्म जवान के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता घोषित किया गया, तो हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। जवान में उन्होंने शानदार अभिनय किया है। एक ऐसी भूमिका जिसमें करिश्मे के साथ ही जज़्बाती गहराई भी है। उन्होंने फिल्म ऐसे पल दिए जो न सिर्फ़ यादगार थे बल्कि दिल को छू लेने वाले भी। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारतीय सिनेमा लोकतंत्र के सार और भाषायी-सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। नेशनल अवॉर्ड सेरमनी का ये पल तब और भी गहरा हो गया जब रानी मुखर्जी को “मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे” के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। फिल्म में उन्होंने एक माँ के दर्द और उसकी ताकत को अपने किरदार में जीवंत किया है। उनकी समारोह में मौजूदगी आकर्षण का केंद्र रही। विक्रांत मैसी को “12वीं फेल” के लिए चुना गया, जहाँ उन्होंने एक ऐसे युवक का किरदार निभाया जो शांत और दृढ़ संकल्प के साथ असफलताओं से जूझता है और जिसने लाखों लोगों को प्रेरित किया। करण जौहर की फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ ने 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ‘सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय मनोरंजन फिल्म (बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग होलसम एंटरटेनमेंट)’ का पुरस्कार जीता। फिल्मों को उनकी आत्मा देने वाली सहायक भूमिकाओं को भी उतना ही सम्मान मिला। विजय राघवन और मुथुपेट्टई सोमू भास्कर को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का सम्मान मिला, उनकी प्रतिभा ने साबित किया कि कैसे छोटी सी भूमिकाएं पूरी कहानी का भार उठा सकती हैं। सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार जीतने वाली उर्वशी और जानकी बोदीवाला को उनके अभिनय के लिए सराहा गया, जिसमें प्रामाणिकता और गहराई झलकती थी, जिसने दर्शकों के चेहरे और भावनाओं को ऐसे जीवंत कर दिया कि वे उसे कभी नहीं भूल पाएँगे। कार्यक्रम में प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने वेव्स 2025 और आईआईसीटी जैसे नवाचारों की चर्चा की, जो भारत को वैश्विक कंटेंट निर्माण में अग्रणी बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि एनएफडीसी परिसर में मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया और गूगल जैसे साझेदारों के साथ 17 पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव श्री संजय जाजू ने समारोह को “एक देश, हजारों कहानियाँ, एक जुनून” की भावना का उत्सव बताया। उन्होंने श्री आशुतोष गोवारिकर, श्री पी. शेषाद्रि और श्री गोपाल कृष्ण पई सहित जूरी सदस्यों की सराहना की और वेव्स समिट की सफलता को दोहराया। वेव्स समिट में सिनेमा, संगीत, गेमिंग और तकनीक को एक साथ लाया गया है।
रिपोर्ट प्रस्तुति इंदौर स्टूडियो, स्त्रोत पीआईबी, तकनीकी सहयोग ट्रिनिटी आडियो।











