इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम। सात्विक अभिनय के लिये हमारी इंद्रियों पर नियंत्रण होना ज़रूरी है। यह बात सीधी के समाजसेवी चिकित्सक डॉ.अनूप मिश्र ने कही। वे नाट्य कार्यशाला में वे युवा कलाकारों को सम्बोधित कर रहे थे।
यह कार्यशाला इंद्रवती नाट्य समिति एवं संस्कार भारती मध्यभारत क्षेत्र के संयुक्त तत्त्वावधान में 6 सिंतबर से जारी है। ग्यारह दिन की इस निःशुल्क आवासीय और प्रस्तुति परक कार्यशाला में 8 राज्यों के कलाकार भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षुक कलाकारों को एक्टिंग के साथ-साथ मार्शल आर्ट्स, कल्लरी पयट्टू,वॉयस एण्ड स्पीच,थियेटर म्युजिक, ट्रेडिशनल म्यूजिक,नाट्यशास्त्र, इम्प्रोवाइजेशन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
कार्यशाला में एक्टिंग और मार्शल आर्ट्स का प्रशिक्षण मानिन्द शेर अली खान और प्रकाश प्रजापति, कल्लरी पयट्टू का राजा सोनारतिया,वॉयस एण्ड स्पीच,थियेटर म्यूजिक, ट्रेडिशनल म्यूजिक का युवा रंगकर्मी रोशनी प्रसाद मिश्र और नाट्यशास्त्र का प्रशिक्षण नरेन्द्र बहादुर सिंह दे रहे हैं। कार्यशाला में अभिनय के साथ ही इम्प्रोवाइज़ेशन की ट्रेनिंग नीरज कुंदेर,उत्कर्ष गुप्ता के साथ दे रह हैं। कार्यशाला में युवा नाटककार रोशनी प्रसाद मिश्र द्वारा लिखित नाटक ‘बसामन मामा’ की रजनीश जायसवाल के निर्देशन में तैयारी भी शुरू हो गई है। कार्यशाला का प्रबंधन आर्ट ऑफ क्लिक,संयोजन एक्सट्रीम आर्ट एण्ड एजुकेशनल सोसाइटी, समन्वयन रंगपटल परफार्मिंग आर्ट सोसाइटी द्वारा किया जा रहा है तथा प्रायोजन वैष्णवी गार्डेन का है। विशेष सहयोग डॉ. अनूप मिश्र, इंजी. आर. बी.सिंह,अजीता द्विवेदी, सुनील भुर्तिया,सुनील चौधरी,कुंदन साफा,अक्षत रेसीडेंसी, राजकुमार गुप्ता व संतोष द्विवेदी हैं।

