Wednesday, May 20, 2026
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‘एकट्रेस’ के दृश्यों से नहीं हट सकी दर्शकों की नज़र..सबके सामने हुआ पर्दाफ़ाश !

भोपाल,6 नवंबर 2018 (इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम )। हर साल की तरह ‘त्रिकर्षी’ के विभा मिश्रा स्मृति नाट्य समारोह में युवा निर्देशक अपने नाटकों का मंचन करते हैं। इसमें आदर्श शर्मा ने चौथे दिन 28 अक्टूबर को मुंशी प्रेमचंद की कहानी पर आधारित नाटक ‘एक्ट्रेस’ का मंचन किया गया। नाटक की प्रस्तुति और उसकी कल्पना को दर्शकों की ख़ासी सराहना मिली।

मुंशी प्रेमचंद की कहानियाँ अपने कहने के सरल,  सहज ढंग किंतु गहरे अर्थों के कारण अपने कालजयी हो चुकी हैं। किंतु नाटक का रूप देते वक़्त इस बात का ध्यान देना होता है कि अब आप पाठक  नहीं अपितु दर्शक के समक्ष कहानी को ऱख रहे हैं।  तब सहजता और सरलता वाली शैली दर्शक को बोर कर सकती है और गहरे अर्थ की अपने लक्ष्य तक की यात्रा अधूरी छूट सकती है। निर्देशक आदर्श शर्मा ने इस कहानी के ‘श्रृंगार पक्ष’ को अपना आधार बना कहानी को रंगशील, कलात्मक संगीतमय प्रस्तुति का रूप प्रदान किया।नतीजा अच्छा रहा। दर्शक क्षण मात्र भी मंच से अपनी आँखें हटा नहीं पाये। कहानी में ‘तारा देवी’ का चरित्र एक ऐसी अभिनेत्री का जीवन था जिसने अपने रूप से अनेक धनवानों को फँसा प्रेम का अभिनय मात्र किया था । किंतु उम्र के एक पड़ाव में कुँवर निर्मलकांत के निर्मल प्रेम ने उसे अपने इस थोथेपन का अहसास करा दिया। आत्मग्लानि की अग्नि में अपने सारे श्रंगार की आहूति दे वो दूर चली जाती है । नाटक का डिज़ाईन ही इस नाटक की विशेषता रही । तारा देवी के श्रंगार को आईना-द्रश्य में बदलना, बहती नदी का आभास कराना और  फ़ेड आऊट के लिए साड़ियों का प्रयोग अनूठा था । संस्था के 35 से ज्यादा कलाकारों के अभिनय से सजी इस प्रस्तुति को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई । #त्रिकर्षी # विभा स्मृति नाट्य समारोह #नाटक # भोपाल

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