Wednesday, August 19, 2026
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‘अहिल्या’ सीरियल के गजानन, बनाना चाहते हैं देवी अहिल्या पर फ़िल्म

निशिकांत मंडलोई, इंदौर स्टूडियो। मयंक शर्मा अपने इंदौरी कलाकार हैं। आपने इन्हें ‘अहिल्या’ धारावाहिक में गजानन की भूमिका निभाते देखा होगा। बस इसके बाद ही इनसे मिलना हो गया। मयंक को डांस और एक्टिंग दोनों पसंद है। वे कुछ फ़िल्मों के साथ ही टीवी धारावाहिकों में काम कर चुके हैं। अब अहिल्या देवी पर फ़िल्म बनाना चाहते हैं। कला के क्षेत्र में वे और क्या करना चाहते हैं, उनका ये सफ़र कैसे शुरू हुआ ? उनसे हुई इस दिलचस्प मुलाकात में यही बातें। 11 को गर्दन कटी,12 को हुई मुलाक़ात: पाठकों यह बात शायद बड़ी अजीब लगे। बात भी किसी हॉरर फ़िल्म के दृश्य जैसी है। मगर आपको यकीन करना ही होगा। 11 जनवरी 2023 को सोनी टीवी पर प्रसारित हुये धारावाहिक ‘अहिल्या’ में गजानन की भूमिका निभा रहे मयंक की, कहानी के मुताबिक, धारावाहिक के एक सीन में उनकी गर्दन काट दी गई थी। उन्हीं से मेरी 12 जनवरी को मुलाक़ात हुई।
टीवी,फ़िल्म में कैसे पहुँचे: मंयक कहते हैं, उन्हें टीवी सीरियल में पहली बार मौका निर्देशक रोहित चौधरी ने दिया था, उन्होंने मेरे लुक के आधार पर द गेम फिल्म में सीबीआई ऑफिसर का रोल दिया। इसके बाद से अभिनय की शुरूआत हो गई। मुझे ओमपुरी के साथ फ़िल्म ‘लस्टम पस्टम’, मनोज वाजपेयी के साथ ‘साइलेंस’ और अक्षय कुमार के साथ फ़िल्म ‘सेल्फी’ के लिये काम करने का मौका मिला है। फिल्म ‘सेल्फी’ अभी रिलीज़ होना है। इसी तरह मैं दूरदर्शन और एमटीवी धारावाहिकों के साथ ही क्राइम पेट्रोल,सावधान इंडिया के लिये भी काम कर चुका हूँ।नृत्य और अभिनय ही जीवन: मयंक कहने लगे, मुझे नृत्य के साथ अभिनय बहुत अच्छा लगता है। अब यही मेरा जीवन है। नृत्य में तो मेरी बचपन से  रूचि रही है। इसी वजह से मैंने कथक में विशारद (बैचलर डिग्री) ली है। मैं इसी नृत्य शैली में मास्टर डिग्री की तैयारी कर रहा हूँ। मेरी गुरु डॉक्टर संतोष देसाई हैं, जिनसे मैं बीते 8 सालों से नृत्य की शिक्षा ले रहा हूं। संतोष जी, शिखर सम्मान से सम्मानित आदरणीय गुरु “पंडित श्रीधर व्यास” की सुपुत्री हैं।
नृत्य से आनंद की अनुभूति: मयंक ने बताया, नृत्य से आनंद की एक अलग अनुभूति होती है। अपने गुरूजनों से नृत्य की विधिवत शिक्षा के अलावा मैं समय-समय पर मुंबई के रेमो डिसूजा, गीता कपूर, गणेश आचार्य जैसे कोरियोग्राफरों से भी मार्गदर्शन लेता रहा हूँ। उनके साथ काम भी किया है जो एक तरह का प्रशिक्षण ही है।नृत्य की मैं खुद भी शिक्षा दे रहा हूँ, मैं एक प्राइवेट स्कूल में डांस की शिक्षा दे रहा हूँ।देवी अहिल्या पर फ़िल्म बनाना है : मंयक कहने लगे,अहिल्या सीरियल में काम करने से मुझे बड़ी प्रेरणा मिली है। मैं अब इस विषय पर फ़िल्म बनाना चाहता हूँ। इसकी शूटिंग हम इंदौर, भोपाल, उज्जैन और महेश्वर में ही करेंगे। इसमें मुख्य कलाकार मुंबई के होंगे। हमारे इंदौर के कलाकारों को भी फिल्म में प्रमुखता से स्थान देंगे।
इंदौर में फ़िल्म स्टूडियो का अभाव: मंयक ने बातों-बातों में एक और बात को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, हमारे शहर में एक फ़िल्म स्टूडियो होना चाहिये। यहाँ पर स्टूडियो होना ज़रूरी है। काफी शूटिंग्स होती हैं। हाल ही में प्रवासी भारतीय सम्मेलन हुआ। इसमें दुनिया भर के लोग आये थे, इनमें काफी पूँजीपति भी थे। उन्हें इस तरह के प्रोजेक्ट की तरफ ध्यान देना चाहिये।
स्व.ओमपुरी का साथ है आर्शीवाद: मयंक एक बेहतर डासिंग अभिनेता बनने की चाह रखते हैं। वे कहते हैं, मेरे साथ ओमपुरी का आर्शीवाद है। उन्होंने ‘लस्टम-पस्टम’ की शूटिंग के वक्त मेरे कंधे पर हाथ रखकर कहा था, ‘तुम्हारे अंदर एक अच्छे कलाकार होने के गुण है। मेहनत करते रहो, भविष्य में तुम अभिनय के क्षेत्र में नाम कमाओगे’। मयंक ने बताया कि वे अपने परिवार में अकेले ही ऐसे हैं जिन्हें कला में दिलचस्पी हैं और अब वे एक पेशेवर एक्टर,डांसर हैं। जबकि उनके पिता एक कराटे प्रशिक्षक, माँ ब्यूटीशियन और डॉक्टर और दो भाई सरकारी कर्मचारी हैं। परंतु अपनी रूचि की वजह से सभी के सहयोग से इसी क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं।
(निशिकांत मंडलोई स्वतंत्र पत्रकार और छायाकार हैं। न्यूज़ फीचर स्टोरीज़ के साथ ही धार्मिक कार्यक्रमों के समाचारों और आलेखों के लिये पहचाने जाते हैं।)
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