कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। मध्य प्रदेश और संस्कार धानी जबलपुर के लिए यह बेहद गौरव का विषय है कि शहर के युवा रंगकर्मी अक्षय सिंह ठाकुर को प्रतिष्ठित “कला साधक सम्मान” से नवाज़ा गया है। उन्हें यह सम्मान बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित विश्व कला एवं संस्कृति मंच (WFAC) के भव्य समारोह ‘भाव 2026’ में प्रदान किया गया।
अक्षय को यह पुरस्कार आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर और गवर्नर अजय कुमार भल्ला के कर कमलों द्वारा सौंपा गया। उन्हें यह सम्मान भारतीय रंगमंच में उनके उल्लेखनीय योगदान, सामाजिक सरोकारों से जुड़े नाटकों के मंचन और एक समर्पित थिएटर प्रैक्टिशनर के रूप में निरंतर सक्रिय रहने के लिए दिया गया है।
‘स्वांग – जस की तस’ का हुआ सफल मंचन: इस भव्य आयोजन के दौरान आर्ट ऑफ लिविंग के इंटरनेशनल आश्रम में रंगाभरण थिएटर द्वारा बहुचर्चित नाटक ‘स्वांग – जस की तस’ का मंचन भी किया गया। यह नाटक प्रसिद्ध राजस्थानी साहित्यकार विजयदान देथा की कहानी ‘ठाकुर का रूठना’ पर आधारित है।
नाटक का प्रभावी लेखन और निर्देशन अक्षय सिंह ठाकुर ने किया है। लोकनाट्य शैली, सामाजिक व्यंग्य और मानवीय संवेदनाओं के सशक्त संगम वाले इस नाटक को दर्शकों की खूब सराहना मिली। मंच पर नमन मिश्र, पूजा केवट, अनुदीप सिंह ठाकुर, तरुण ठाकुर, सुहेल वारसी, रोहित सिंह, अक्षय अवस्थी, राजवर्धन पटेल, रोहित तिवारी, अभिषेक गौतम, राजा चौधरी, भूमि झरिया, अनुपम सिंह मरकाम और प्रवीण नामदेव ने अपने शानदार अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया। देश के विभिन्न मंचों पर पहले भी इस प्रस्तुति को व्यापक सराहना मिल चुकी है। आगे पढ़िये – तीस साल बाद मंच पर फिर से लौटा ‘अक्स-तमाशा’ https://indorestudio.com/aks-tamasha-play-nsd-repertory-bhanu-bharti/

