इंदौर स्टूडियो, कला प्रतिनिधि। दिल्ली, वरिष्ठ रंगकर्मी,लेखक और पत्रकार आलोक शुक्ला के तीन दशकीय रंगमंच और बॉलीवुड के संस्मरणों की किताब “एक रंगकर्मी की यात्रा” का लेखन किया है। यह उनकी दूसरी किताब है। इस किताब का लोकार्पण 15th ग्लोबल फ़िल्म फेस्टिवल नोएडा में मारवाह इंस्टीट्यूट में हुआ। कार्यक्रम में चेयरमैन संदीप मारवाह, सुप्रसिद्ध अभिनेता बृजेंद्र कालरा, अभिनेत्री न्यायरा, मारवाह स्टुडियो के ब्रॉडकास्ट डॉयरेक्टर सुशील भारती, लेखिका ममता सोनी, नाटककार प्रतिभा जैन और प्रताप सिंह , प्रसिद्द रंगकर्मी पुरोषत्तम भट्ट, पत्रकार प्रशांत त्रिपाठी और संजय परिहार आदि मौजूद थे।
35 साल की कला यात्रा: इस मौके पर आलोक शुक्ला ने कहा कि ये उनके 35 साल की रंगकर्म और बॉलीवुड की यात्रा है जिसमें हबीब तनवीर, सागर सरहदी, रंजीत कपूर,अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, आशुतोष राणा, कुमुद मिश्रा, मानव कौल, राजपाल यादव,जमील खान आदि जानी-मानी शख्सियतों के साथ के संस्मरण अलग-अलग अध्याय के रूप में हैं, इनसे लोग बहुत कुछ सीख सकते हैं। उन्होंने सभी लोगों के साथ किताब के प्रकाशक और साहित्यकार इंडिया नेटबुक्स के चेयरमैन डॉ. संजीव कुमार का आभार व्यक्त किया और कहा कि नाट्य संग्रह “ख्वाबों के सात रंग” की ही तरह इस किताब को भी अपना आशीर्वाद देने का अनुरोध किया। इसी के साथ उन्होंने अपनी गंभीर बीमारी में नाटक, बॉलीवुड और पत्रकार साथियों की भरपूर मदद के लिए भी सभी का शुक्रिया अदा किया। गौरतलब है कि आलोक शुक्ला बीते ढाई साल से GBS पैरालिसिस से पीड़ित हैं और अभी भी पूरी तरह से ठीक नहीं हुए हैं लेकिन उनके हौसले बुलंद हैं और ऐसे में ही वे अपनी लेखन यात्रा से नई ऊंचाइयां तय कर रहे हैं।

