मुंबई से मुस्तफ़ा आरिफ, इंदौर स्टूडियो। मुंबई के पृथ्वी थियेटर में “आज रंग दे” देखने का सौभाग्य मिला। मैं नाट्य प्रस्तुति के निर्माता निर्देशक को दिल से साधुवाद देता हूं। भारत की गंगा-जमुनी संस्कृति के संवाहक अमीर खुसरो की अवधारणा का बखूब प्रस्तुतिकरण दर्शकों को आखिर तक बांधे रखता है। 
खुसरो की रचनाओं पर प्रभावशाली प्रस्तुति: अमीर खुसरो की रचनाओं का संगीतमय प्रस्तुतिकरण प्रभावी था। जिन्हें में व्यक्तिगत जानता हूं उसमे निर्माता-निर्देशक के इतर त्रिशला पटेल ने बड़ी बी का अभिनय ये कहने के लिए बड़ा आधार रखता है, कि अभिनय उनका कप ऑफ टी भी है। बुवाजी के रोल में एक सिद्धहस्त परिपक्व अभिनेत्री की शानदार भूमिका दमदार थी। फन्ने मियां की भूमिका में पवन और शारदा की भूमिका में अभिनेत्री ने अपने परिपक्व कला कौशल का परिचय दिया। बड़े मियां फेम इमरान खान ने मामा की भूमिका में प्रभावित किया।
नृत्य ने प्रस्तुति को सशक्त बनाया: नाटक में नृत्य प्रस्तुती प्रभावी थी, मुख्य प्रस्तुति देने वाली अभिनेत्री का नाम यद्यपि मुझे नहीं पता, लेकिन उनकी प्रस्तुति ने रंग को आज रंग दिया। मुझे गर्व है कि मेरी बेटी फातेमा आरिफ भी अभिनय का हिस्सा रही। बेटी फातेमा और उनकी सहेली की संगत ताल में ताल मिलाती शक्तिशाली दिखीं। कुल मिलाकर नाट्य मंचन को उन सभी अवयवों से जोड़ा गया है। जो दर्शकों को तालिया बजाने, वाह वाह करने और मंत्र मुग्ध करने के लिए पर्याप्त है। कुलजमा शानदार थीम- तू हिंदू बनेगा, न मुसलमान बनेगा, इंसान की औलाद है इंसान बनेगा। मेरी तरफ से सात सलाम। राम राम। आगे पढ़िये – https://indorestudio.com/jaidev-taneja-ko-jeevan-gaurav-samman/

