इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम। मप्र हिंदी साहित्य सम्मेलन की दतिया इकाई के बैनर तले कथाकार राजनारायण बोहरे के बाल उपन्यास ‘बाली का बेटा’ का लोकार्पण किया गया। प्रमुख अतिथि के रूप में डॉ केबीएल पांडेय तथा विशिष्ट अतिथि जगदीश सुहाने और राम किशोर नीखरा थे। अध्यक्षता जिला इकाई के अध्यक्ष अनिल तिवारी ने की।
कथानक और कलात्मकता की दृष्टि से बहुत उम्दा : कार्यक्रम के आरंम्भ में राम भरोसे मिश्र ने उपन्यास के बारे में अपने विचार रखते हुए कहा कि बच्चों और बड़ों दोनों के लिए यह उपन्यास रुचिकर साबित होगा। अंगद के माध्यम से कही गयी राम कथा पर केंद्रित यह उपन्यास कथानक और कलात्मकता की दृष्टि से बहुत उम्दा है।
लेखक ने रखी अपनी बात : इस बाल उपन्लेयास के लेखक राजनारायण बोहरे ने भी उपन्यास के कथानक की नवीनता पर अपनी बात रखी. उन्होंने कथानक पर बात करते हुए कहा कि राम राज्याभिषेक के बाद अयोध्या से अंगद की विदाई के समय भावुक होकर किष्किंधा जाने से रोते हुए इनकार करने के मार्मिक दृश्य की संवेदना में डूबने की बात से यह उपन्यास शुरू हुआ।
कई साहित्य प्रेमी थे उपस्थित : अंत मे कार्यक्रम संचालन कर रहे राम भरोसे मिसुर ने आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर त आनन्द मोहन सक्सेना, शैलेन्द्र बुधौलिया, सुरेश साटम, डॉ रामजी खरे, अजय रावत और राजा राम नगार्च सहित कई साहित्य प्रेमी भी उपस्थित थे। डॉ. नीरज जैन ने अनिल तिवारी की पत्नी के असामयिक निधन पर दतिया के साहित्यकारों की तरफ से शोक संवेदना व्यक्त की।

