Wednesday, August 19, 2026
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IFFI2022 में इस बार 280 फ़िल्में और बहुत कुछ पहली बार

IFFI 53rd 2022:  इंदौर स्टूडियो, सिने प्रतिनिधि। 53 वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव (IFFI22) के गुलदस्ते में इस बार 280 फिल्में शामिल हैं। इनमें 79 देशों की 183 अंतरराष्ट्रीय फिल्में हैं। भारत की 25 फीचर फिल्मों और 19 गैर-फीचर फिल्मों को ‘इंडियन पैनोरमा’ में प्रदर्शन हो रहा है। जबकि 183 फिल्में अंतरराष्ट्रीय प्रोग्रामिंग का हिस्सा बनी हैं लेकिन इस महोत्सव में ऐसा बहुत कुछ है जो पहली बार हो रहा है।भारतीय पैनोरमा में कन्नड़ फिल्म हदिनेलेंतु’ से शुरूआत: ‘इंडियन पैनोरमा’ की शुरुआत पृथ्वी कोन्नूर की कन्नड़ फिल्म हदिनेलेंतु से की गई है, जबकि दिव्या कावासजी की ‘द शो मस्ट गो ऑन’ नॉन-फीचर फिल्म सेक्शन की फिल्मों में शामिल है। ऑस्‍कर के लिए भारत का आधिकारिक सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा श्रेणी में प्रवेश पान नलिन के चेलो शो – ‘द लास्ट फिल्म शो’ और मधुर भंडारकर की ‘इंडिया लॉकडाउन’ की विशेष स्क्रीनिंग की जा रही है।फिल्म समारोहों में पुरस्कृत फ़िल्में: बड़े ड्रा में उन फ़िल्मों के प्रदर्शन रखे गये हैं जिन्होंने कान, बर्लिन, टोरंटो और वेनिस जैसे दुनिया भर के प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में कई पुरस्कार जीते हैं। इनमें से कुछ ऑस्कर विजेताओं द्वारा निर्देशित या फीचर की गई हैं। इन फिल्मों में पार्क-चान वूक की डिसीजन टू लीव और रूबेन ओस्टलंड की ट्रायंगल ऑफ सैडनेस, डैरेन ओरोनोफ़्स्की की द व्हेल और गुइलेर्मो डेल टोरो की पिनोचियो, क्लेयर डेनिस की बोथ साइड्स ऑफ ब्‍लैड और गाय डेविडी की इनोसेंस, ऐलिस डायप की सेंट ओमर और मरियम तौज़ानी की द ब्लू काफ्तान शामिल हैं। फिल्मों के कई गाला प्रीमियर: सिनेमा का समर्थन और प्रचार करने के लिए हिंदी फिल्मों के कई गाला प्रीमियर होंगे जिनमें उनके कलाकार मौजूद होंगे। इनमें परेश रावल की द स्टोरीटेलर, अजय देवगन और तब्बू की दृश्यम 2, वरुण धवन और कृति सनोन की भेडि़या और यामी गौतम की लोस्ट शामिल हैं। आने वाली तेलुगु फिल्‍म, रेमो, दीप्ति नवल और कल्कि कोचलिन की गोल्डफिश और रणदीप हुड्डा और इलियाना डिक्रूज की तेरा क्या होगा लवली का भी आईएफएफआई में प्रीमियर हो रहा है। साथ ही वधांधी, खाकी और फौदा सीजन 4 जैसे ओटीटी शो के एपिसोड भी होंगे।मास्टरक्लास और ‘इन कन्वर्सेशन’ सत्र: प्रख्यात फिल्म निर्माताओं और अभिनेताओं के साथ 23 ‘मास्टरक्लासेस’ और ‘इन कन्वर्सेशन’ सत्र भी यहां पर जारी हैं। मास्‍टरक्‍लास ए. श्रीकर प्रसाद,अनुपम खेर,वी. विजयेंद्र प्रसाद जैसे फिल्म दिग्गज ले रहे हैं। एक मास्टरक्लास में ऑस्कर अकादमी के विशेषज्ञ होंगे, जबकि एनीमेशन पर मार्क ओसबोर्न और क्रिश्चियन जेज्डिक की क्लास भी रखी गई है। ‘इन-कन्वर्सेशन’ सत्र का संचालन आशा पारेख, प्रसून जोशी, आनंद एल राय, आर बाल्की और नवाजुद्दीन सिद्दीकी कर रहे हैं।फिल्म बाजार में बेहतरीन फिल्मों का प्रदर्शन: ‘फिल्म बाजार’ विभिन्न वर्गों में कुछ बेहतरीन फिल्मों और फिल्म निर्माताओं को शो केस कर रहा है। पहली बार आईएफएफआई में पवेलियन, मार्श डू कान जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों की तर्ज पर दिखाई देंगे। इस साल, कुल मिलाकर 42 पेवेलियन हैं। इनमें विभिन्न राज्य सरकारों, भाग लेने वाले देशों, उद्योगपतियों और मंत्रालय की मीडिया इकाइयों के फिल्म कार्यालय बनाये गये हैं। यह भी पहली बार है, जब कई क्लासिक्स ‘द व्यूइंग रूम’ में उपलब्ध हैं जहां  इन फिल्मों के अधिकार खरीदे जा सकेंगे और दुनिया भर के फिल्म समारोहों में उनका उपयोग किया जा सकेगा।
आशा पारेख की फिल्मों का प्रदर्शन: इस बार महोत्सव में 52 वें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार की विजेता आशा पारेख की तीन फिल्मों- तीसरी मंजिल, दो बदन और कटी पतंग की स्क्रीनिंग के साथ एक विशेष खंड की प्रस्तुति की जा रही है। मणिपुरी सिनेमा के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय पैनोरमा के तहत मणिपुर स्टेट फिल्म्स डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा क्यूरेट की गई पांच फीचर और पांच गैर-फीचर फिल्मों का एक विशेष रूप से क्यूरेटेड पैकेज प्रदर्शित किया जा रहा है।
होमेज सैक्शन: अपने महान दिग्गजों के सम्मान में: ‘होमेज’ खंड में पंद्रह भारतीय और पांच अंतरराष्ट्रीय फिल्में शामिल की गईं हैं। भारत रत्न लता मंगेशकर, गायक-संगीतकार बप्पी लाहिड़ी, कथक के उस्ताद पंडित बिरजू महाराज, अभिनेता रमेश देव और माहेश्वरी अम्मा, गायक केके, निर्देशक तरुण, असमिया अभिनेता निपोन दास, थिएटर कलाकार, मजुमदार और गायक भूपिंदर सिंह को श्रद्धांजलि भी इस समारोह में दी गई है। जबकि अंतरराष्ट्रीय खंड में, महोत्सव में प्रतिभावान बॉब राफेलसन, इवान रीटमैन, पीटर  बोगडानोविच, डगलस ट्रंबेल और मोनिका विट्टी को याद किया गया है।
बुक्स टू बॉक्स ऑफिस: किताबों को अपनाकर बनाई जा सकने वाली अच्छी फिल्मों की पहल के रूप में नया पुस्तक कार्यक्रम, बुक्‍स टू बॉक्स ऑफिस शुरू किया गया है। कुछ श्रेष्ठ प्रकाशक इस कार्यक्रम में शामिल हैं। उम्मीद है कुछ अच्छी पुस्तकों के अधिकार ख़रीदने वाले निर्माता नई कहानियाँ स्क्रीन पर लाने में कामयाब हो सकेंगे। (इनपुट पीआईबी)

 

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