Wednesday, May 13, 2026
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प्रकृति के प्रति प्रेम ने डॉ. अर्चना को बनाया चित्रकार, उनके चित्रों की सभी ने की तारीफ़

सुभाष अरोरा, इंदौर स्टूडियो। अर्चना तिवारी ग्वालियर की जानी-पहचानी डॉक्टर हैं। मगर उनका एक परिचय और भी है। वे एक संवेदनशील लेखिका और एक बेहतरीन चित्रकार भी हैं। प्रकृति के प्रति प्रेम ने उन्हें एक डॉक्टर होने के साथ ही एक कल्पनाशील चित्रकार बनाया। हाल ही में उनकी दो दिवसीय प्रदर्शनी में उनकी कला का यह सौंदर्य दिखा। उनकी पेटिंग प्रदर्शनी बैजा ताल में मौजूद आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर की कला वीथिका में लगाई गई थी।प्रदर्शनी का उदघाटन सेवानिवृत्त आईएएस प्रशांत मेहता ने किया। इस अवसर पर डीन मेडिकल कॉलेज ग्वालियर डॉ.समीर गुप्ता, प्रीवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष डॉ.अशोक मिश्रा, डीन दतिया मेडिकल कॉलेज डॉक्टर दिनेश उदैनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ग्वालियर डॉक्टर मनीष शर्मा, डॉ सेंगर तथा डॉक्टर संजय धवले भी उनकी प्रदर्शनी देखने पहुँचे। उनकी रचनाधर्मिता की कलाकार मुक्त कंठ से प्रशंसा की।डॉ.अर्चना तिवारी ने इस दौरान एक बात और कही। उन्होंने बताया, वे प्रकृति से अपना गहरा जुड़ाव महसूस करती हैं और कुदरत के प्रति इसी अनुभूति ने उन्हें चित्रकला की ओर आकर्षित किया है। अपनी चित्रकला के लिये मैं वक्त निकालने की पूरी कोशिश करती हूँ। जब तक कोई पेटिंग पूरी नहीं हो जाती, उसपर लगातार काम करती रहती हूँ। उन्होंने यह भी कहा कि वे अब तक 400 से अधिक पेंटिंग्स बना चुकी हैं। उनकी दो दिवसीय प्रदर्शनी में उनके संग्रह में से ही कुछ पेंटिंग्स लगाई गई थीं, देखने वालों ने उनकी ख़ासी प्रशंसा की l उनकी कलाकृतियों में रंग चयन, परिपक्वता,सकारात्मकता और दृश्य विधान को साफ़ तौर पर देखा जा सकता है। उनकी अनुभूतियों,अनुभवों पर आधारित कलाकृतियों के साथ ही लैंडस्केप भी बहुत सुंदर बने हैं। बैजा ताल में उनकी प्रदर्शनी का कुशल संयोजन आर्टिस्ट विशाल शर्मा ने किया। डॉक्टर तिवारी चिकित्सा के साथ ही कला के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट काम करें, मेरी उनके लिये यही शुभकामनाएं हैं।(समीक्षक सुभाष अरोरा ग्वालियर के ख्यात मूर्तिकार और कवि हैं।)

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