हिमांशु राय, इंदौर स्टूडियो। साहित्य जगत में गुणवत्तापूर्ण साहित्यिक पत्रिकाओं की जब भी बात होती है, तो जबलपुर से प्रकाशित होने वाली ‘अन्विति’ का नाम प्रमुखता से उभरता है। महज तीन वर्षों के छोटे से सफर में, वरिष्ठ कथाकार राजेन्द्र दानी के संपादन में इस पत्रिका ने पूरे देश के साहित्य प्रेमियों के बीच अपनी एक खास और पुख्ता पहचान दर्ज कराई है। ज्ञानरंजन जी की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘पहल’ के संपादन से जुड़े रहे राजेन्द्र दानी की इसी कड़ी मेहनत और साहित्यिक दूरदृष्टि का शानदार सुफल है—’अन्विति’ का हाल ही में प्रकाशित वृहद ‘कहानी विशेषांक’।
अंक 13-14 को संयुक्त करके निकाले गए 156 पृष्ठों के इस महत्वपूर्ण कहानी विशेषांक में प्रकाशकान्त, महेश दर्पण, दीपक शर्मा, हरियश राय, उर्मिला शिरीष, गंभीर सिंह पालनी, महावीर राजी, राजेन्द्र श्रीवास्तव, गीताश्री, वंदना राग, वैभव सिंह, शहंशाह आलम, आकांक्षा पारे काशिव, सत्यनारायण पटैल, संजीव बक्शी, विमलचन्द्र पांडेय, शर्मिला जालान, ममता सिंह, अर्चना पैन्यूली, श्रद्धा थवाइत, विनीता परमार, तसनीम खान, रश्मि शर्मा, श्रद्धा श्रीवास्तव, पूर्णिमा सहारन, लकी राजीव, तिथि दानी और रश्मि दीक्षित सहित कुल 28 रचनाकारों की कहानियां शामिल हैं।
इस विशेषांक में जयप्रकाश का आलेख ’कहां से कहां आ पंहुची है कहानी?’, नीरज खरे का आलेख ’आंदोलनों के बाद कहानी: उन्मुक्त कहानी’, और शशिभूषण मिश्र का आलेख ’कहानी की पदचापों में जीवन की आंच’ बेहद पठनीय हैं, जिनमें कहानी विधा पर अहम बातचीत की गई है। इसके अलावा संपादक ने देश-विदेश के महत्वपूर्ण कहानीकारों की कहानी, उपन्यास और लेखन पर अहम टिप्पणियों का बेहतरीन संकलन भी प्रकाशित किया है।
अंक में कथाकार द्वय मधु कांकरिया और तरूण भटनागर से ‘कुछ प्रश्न’ शीर्षक से एक प्रश्नोत्तरी भी प्रकाशित है, जो दोनों कथाकारों को सवालों के बहाने अपने विचार गहराई से रखने का अवसर देती है। ‘अन्विति’ के इस विशेषांक का आकर्षक कवर पृष्ठ सुप्रसिद्ध चित्रकार मुकेश बिजौले ने तैयार किया है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि अन्विति व राजेंद्र दानी द्वारा प्रतिवर्ष एक महिला कथाकार को ‘सविता दानी स्मृति सम्मान’ से नवाज़ा जाता है।
थोड़े ही समय में ‘अन्विति’ पत्रिका ने व्यापक लोकप्रियता प्राप्त कर ली है और इस कहानी विशेषांक का साहित्य जगत में शानदार स्वागत हुआ है। विशेषांक का एक अंक का मूल्य 200 रुपये (डाक खर्च अतिरिक्त) है। इसे सीधे राजेन्द्र दानी से 9893881396, 6260420851 पर मोबाइल या व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क करके, अथवा rajendradani003@gmail.com पर ई-मेल कर प्राप्त किया जा सकता है। आगे पढ़िये – जब चंद मिनटों में जीवंत हो उठीं कहानियां – https://indorestudio.com/laghu-katha-natya-2026-indore-short-plays/
‘अन्विति’ का कहानी विशेषांक: 28 रचनाकारों की शानदार कहानियां
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