इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम। ‘रंगमंच को नई दिशा देने के लिये हमें नई सोच और दृष्टि को अपनाने की ज़रूरत है। नए कलाकार इस काम को बखूबी कर सकते हैं। ‘ लेखक, पत्रकार शकील अख़्तर ने यह बात आर्टिस्ट कंबाइन,ग्वालियर के छात्रों से कही। वे मध्य भारत की इस सबसे पुरानी नाट्य संस्था में बतौर गेस्ट लेक्चरर के रूप में संबोंधित कर रहे थे। उन्होंने बच्चों के साथ अपने नाटकों के लेखन और आज के रंगकर्म को लेकर बातचीत की। अपने अनुभव साझा किये। साथ ही उनके पूछे गये सवालों के जवाब भी दिये।
शकील ग्वालियर के पुराने रंगकर्मी हैं। 90 के दशक में वे कला मंदिर, सम्वाद और नाटयायन के साथ ही आर्टिस्ट कम्बाइन जैसी संस्था के नाट्य कलाकार रहे। उनके लिखे चार नाटकों में से दो नाटकों –ब्लू व्हेल: एक खतरनाक खेल और मोनिया दि ग्रेट (बापू के बचपन की रियल स्टोरी) का नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा,दिल्ली में मंचन हो चुका है। इसी नाते शकील ने आर्टिस्ट कम्बाइन ड्रामा कोर्स के स्टूडेंट से संवाद के लिये पहुंचे थे।
उन्होंने छात्रों से कहा- ‘एक कलाकार के रूप हमें अपने परंपरागत रंगकर्म से बहुत कुछ सीखना है लेकिन बदलते वक्त के खुद को बदलना भी है। नई सोच और नई दृष्टि के साथ नये विषयों पर काम करने की ज़रूरत है। आज के ज़माने की तकनीक का बेहतर और रचनात्मक सदुपयोग करना भी ज़रूरी है। तब जाकर मंच पर कुछ नया करने और देखने को मिल सकेगा। दर्शकों में रंगकर्म के प्रति नई रूचि पैदा होगी।’ उन्होंने कहा, ‘ग्वालियर की सुदीर्घ रंग परम्परा रही है। आर्टिस्ट कम्बाइन 81 वर्षों से कार्यरत है। हमें नई और सकारात्मक सोच के साथ ग्वालियर के रंगमंच को नई ऊंचाई देना है। खुशी की बात यह है कि यहां के बहुत से कलाकार ऐसा कर पाने में कामयाब हुए हैं। शहर में विविध रंग गतिविधियां जारी हैं।’ वरिष्ठ टीवी जर्नलिस्ट ने छात्रों से कहा, अगर आपको लगता है आप कलाकार बनना चाहते हैं, रंगमंच के लिये कुछ करना चाहते हैं तो सर्टिफिकेट कोर्स के बाद आगे भी इस क्षेत्र में काम करते रहिये, अगर आप इस क्षेत्र में खुद को उपयुक्त नहीं पाते हैं तो अपने साथ जबरदस्ती मत कीजिये।‘कार्यक्रम में ड्रामा सर्टिफिकेट कोर्स के स्कूली छात्रों के साथ ही आर्टिस्ट कम्बाइन के सचिव संजय लघाटे और शहर के वरिष्ठ कलाकार संजय अरोरा,अरूण काटे और गीतांजलि ग्रेवाल भी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन शहर के वरिष्ठ कलाकार और लेखक सचिन मुजूमदार ने किया। सचिव संजय लघाटे ने आर्टिस्ट कंबाइन के रंगकर्म सफर पर प्रकाशित दो विशेष लेख संग्रह भेंट किये। (इनपुट : आर्टिस्ट कंबाइन )

