Wednesday, May 20, 2026
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सिने संगीत के स्वर्णयुग की अंतिम ध्वजवाहिका का स्वर्गारोहण

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सुरों की मलिका आशा भोंसले का अचानक इस फानी दुनिया से चले जाना ‍भारतीय फिल्म संगीत और पार्श्वगायन के स्वर्ण युग की अंतिम जीवित ध्वजवाहिका का स्वर्गारोहण है। उन्होंने 92 वर्ष के सांगीतिक जीवन के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। हालांकि उनके चाहने वालों को उम्मीद थी कि आशा जी फिर स्वस्थ हो जाएंगी और वे एक बार फिर सुरों के रंग बिखेरेंगी, लेकिन वैसा न हो सका। इस लाजवाब गायिका को अपने भावपूर्ण शब्दों में याद कर रहे हैं वरिष्ठ स्तंभकार, संपादक और लेखक अजय बोकिल। Farewell, Asha Bhosle: An Obituary — Ajay Bokil. IndoreStudio.com.अजय बोकिल लिखते हैं – फिल्म संगीत के महान स्त्री-स्वरों में आशा जी की स्पर्धा केवल अपनी बड़ी बहन और गान सरस्वती लता मंगेशकर से रही। हालांकि इन दोनों में श्रेष्ठतम कौन, ये बहस अनंत है। लेकिन संक्षेप में कहें तो लता जी अगर संगीत की मीरा हैं तो आशा जी राधा। गायन में अपनी रेंज, विविधता और वर्सेटिलिटी में तो वो कभी-कभी लता जी को भी वो पीछे छोड़ती प्रतीत होती थीं।lata mangeshkar and asha bhosle.महान संगीतकार अनिल विश्वास ने लता और आशा की अद्भुत तुलना करते हुए कहा था कि लता आत्मा से गाती हैं और आशा शरीर से। लेकिन समग्रता में ये दोनों परस्पर पूरक हैं। आत्मा बिना क्या देह और देह बिना क्या आत्मा। लता अगर संगीत की देवी हैं तो आशा संगीत की अप्सरा। दोनों ही आसमान से उतरी हुई ऐसी आवाजें हैं, जो सदियों में पैदा होती हैं। लता मंगेशकर जी सादगी, पवित्रता, विनम्रता और दैवी स्वर आभा के सर्वोच्च शिखर का प्रतीक हैं तो आशा जी मानव जीवन के संघर्षों, उतार-चढ़ाव, राग-द्वेष, जिजीविषा और श्रेष्ठतम को हासिल करने की अंतहीन ज़िद का सर्वदा फहराता ध्वजदंड हैं।Farewell, Asha Bhosle: An Obituary — Ajay Bokil. IndoreStudio.com.आशा भोंसले के रूप में हमने, इस देश ने, भारतीय फिल्म और सुगम संगीत के सुनहरे दौर की अंतिम जीवित रचयिता और साक्षी को खो दिया है। जीवन और संगीत को आशा जी ने हमेशा एक चुनौती के रूप में लिया और हर मोड़ पर उसे पराजित कर दिखाया। निजी ‍जिंदगी में नियति‍ के कई आघात सहने के बाद भी आशा भोंसले विजय पताका हमेशा अपने हाथों में थामे दिखीं। लता जी के विपरीत बगावत और प्रयोगधर्मिता उनके स्वभाव का हिस्सा रहा। जीवन में आए तमाम उतार-चढ़ावों का असर उन्होंने अपनी संगीत साधना पर कभी नहीं होने दिया। Farewell, Asha Bhosle: An Obituary — Ajay Bokil. IndoreStudio.com.91 साल की उम्र में भी आशा जी उसी मस्तानी अदा से मंच पर गाती थीं कि लोग दांतों तले उंगली दबा लेते थे। हिंदी सिने और गैर फिल्मी गीतों के अनमोल रत्नों में से कई आशा जी के नाम हैं। वह अपने आप में गायन का एक स्कूल हैं। सुरों और शब्दों की अदायगी, ठहराव, झटके और परफेक्ट स्वराभिनय के माध्यम से किरदार को साकार करना आशा जी की खूबी है। सिने संगीत का सर्वश्रेष्ठ और कालजयी युगल गीत ‘अभी न जाओ छोड़कर कि दिल अभी भरा नहीं’, आशा जी ने मोहम्मद रफी के साथ जिस अंदाज में गाया है, वहां मानो वक्त भी ठहर सा गया लगता है। Farewell, Asha Bhosle: An Obituary — Ajay Bokil. IndoreStudio.com.भाव और रस कोई सा भी हो, सुरों की शक्ल में आशा जी हर किरदार में बेहतरीन ढंग से नमूदार होती हैं। आवाज़ पर उनका असाधारण कंट्रोल, सुरों के साथ कभी टेस्ट क्रिकेट तो कभी टी ट्वेन्टी की तरह सहज और पावरफुल बैटिंग करना आशा जी जैसी गायिकाओं के लिए ही संभव था। यूं तो उनके लाजवाब गीतों की लिस्ट बहुत लंबी है, लेकिन स्वरों के माध्‍यम से चुहलबाजी, मादकता, अल्हड़पन, दीवानगी, प्रेम, वियोग, मिलन, रूठना, हंसाना, कव्वाली, अर्द्ध शास्त्रीय गायन, गजल गायन, भक्तिभाव, लोकगीत—हर रंग में आशा भोंसले हर बार अलग नजर आती हैं। अपने छह दशक लंबे गायन करियर में उन्होंने बीस भाषाओं में बारह हजार से ज्यादा गाने गाए, लेकिन कभी घमंड नहीं किया। ये वो दौर था, जहां साधना ही पुरस्कार थी। प्रयोगधर्मिता और नई चुनौतियों को स्वीकारना आशा जी की फितरत थी। Farewell, Asha Bhosle: An Obituary — Ajay Bokil. IndoreStudio.com.फिल्म ‘उमराव जान’ में आशा जी ने गीत ‘ये क्या जगह है दोस्तों, ये कौन सा दयार है’ में एक जवान और अलग तरह की पुरअसर आवाज निकाल कर सभी को चौंका दिया था। आशा जी ने करीब साठ सालों तक देश के सभी महान संगीतकारों के लिए गाया। फिर चाहे ‘अब के बरस भेज भैया को बाबुल…’ जैसी ब्याहता बेटी की मार्मिक गुहार हो या ‘दम मारो दम’ जैसी नशीली आवाज। ‘छोड़ दो आंचल जमाना क्या कहेगा’ जैसी शर्मीली छेड़छाड़ हो या ‘मैं जब भी अकेली होती हूं तुम चुपके से आ जाते हो’ जैसी सपनीली युवती की भावना। ‘तोरा मन दर्पण कहलाए’ जैसी प्रार्थना हो या ‘बलमा माने ना’ जैसी शिकायत। ‘नन्हें मुन्ने बच्चे तेरी मुट्ठी में क्या है’ जैसा बालगीत हो या ‘मेरा कुछ सामान तुम्हारे पास पड़ा है’ जैसी मनुहार।Asha Bhole with RD burman. महान संगीतकार ओ.पी. नय्यर के साथ आशा जी के गाए लाजवाब गीतों ने सिने संगीत के माधुर्य और मस्ती का ऐसा अध्‍याय रचा है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। इसी तरह क्रांतिकारी संगीतकार और दूसरे पति आर.डी. बर्मन के साथ भी आशा जी ने कई बेमिसाल गीत गाए। केवल राष्ट्रभक्ति गीतों के मामले में दीदी लता मंगेशकर उनसे फिनिश लाइन से आगे जाती दिखती हैं। खास बात यह है कि दोनों बहनों ने जो युगल गीत गाए हैं वो भी डुएट सिंगिंग के बेहतरीन नमूने हैं। मराठी में भी आशा जी के छोटे भाई और महान संगीतकार ह्रदयनाथ मंगेशकर ने उनसे कई कालजयी गीत गवाए हैं। भारत रत्न छोड़कर आशा जी को अपनी सृजनात्मकता के लिए लगभग सभी बड़े पुरस्कार मिले।The Mangeshkar Family: Shevanti Mangeshkar (Mother), Lata Mangeshkar, Asha Bhosle, Usha Mangeshkar, Meena Khadikar, Hridaynath Mangeshkar.मंगेशकर परिवार पर यूं तो सरस्वती का ही हाथ है, भारतीय फिल्म संगीत की वह यकीनन ‘फर्स्ट फैमिली’ है। ऐसा परिवार जिसमें तकरीबन सभी को संगीत का अमृत कलश जन्मजात‍ मिला हो। ऐसे परिवार में संगीत साधना के साथ संगीत की अघोषित आंतरिक प्रतिस्पर्धा भी उतनी ही कठिन और कठोर होती है। ऐसे में जब कभी-कभार लता जी अपनी इस छोटी बहन के किसी गाने को सुनकर सराहतीं कि “आशा तूने यह गीत मुझसे भी अच्‍छा गाया है” तो मानिए‍ कि श्रेष्ठता के पैमाने खुद अपनी सतह से ऊपर उठ जाते हैं। A humble tribute from Indore Studio to the magnificent singer of Indian cinema, Asha Bhosle.आज जो पीढ़ी साठ के दशक में है या पचास से ऊपर है, वह इस मामले में सौभाग्यशाली है कि उसने सिने संगीत के इन महान नक्षत्रों की अनंत सुखदायी चांदनी के बीच जन्म लिया, उस संगीत को भोगा और आज तक उसकी रसवर्षा से उबर नहीं पाई है। संभव है कि एआई (AI) की पीढ़ी संगीत के आत्मिक दौर को कभी समझ और महसूस न कर पाए। लेकिन आशा जी जैसी महान गायिकाओं ने अपने सुरों के मयूरपंख से रची जो कालजयी स्वरांजलियां विरासत में छोड़ी हैं, वो उनके भौतिक रूप से देवलोकगमन के बाद भी सदैव करोड़ों मनों को आह्लादित करती रहेंगी। उन्हें हार्दिक श्रद्धांजलि। (लेखक श्री अजय बोकिल भोपाल से प्रकाशित अख़बार ‘सुबह सवेरे’ के कार्यकारी प्रधान संपादक, लेखक और प्रसंगवश के प्रतिष्ठित स्तंभकार हैं।) 

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