Wednesday, May 20, 2026
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‘स्वर निनाद’ ने सजाई ‘जुबली गर्ल’ के सदाबहार गीतों की महफ़िल

कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। बॉलीवुड की ‘जुबली गर्ल’ और गुज़रे दौर की मशहूर अभिनेत्री आशा पारेख के फिल्मी सफर पर आधारित संगीत कार्यक्रम ‘आये दिन बहार के’ का आयोजन इंदौर में किया गया। स्थानीय दुआ सभागार में ‘स्वर-निनाद’ द्वारा आयोजित इस सुरमयी शाम में आशा पारेख की फिल्मों के सदाबहार गीत प्रस्तुत किये गये।The 'Swar Ninad' organization organized a program in Indore based on the films of Asha Parekh. Report: Indore Studio.एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दीं: आशा पारेख ने अपने दौर में एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दीं और वे ‘जुबली गर्ल’ कहलाईं। नृत्य उनका पहला प्रेम था, और पद्मश्री से सम्मानित इस अभिनेत्री के अभिनय से सजे लगभग सारे गीत अपने समय के सुपरहिट नगमे रहे हैं। इस कार्यक्रम में भी स्थानीय गायकों ने अपनी मधुर आवाज से उन्हीं सुनहरे पलों को मंच पर जीवंत कर दिया।The 'Swar Ninad' organization organized a program in Indore based on the films of Asha Parekh. Report: Indore Studio.एकल गीतों ने महफ़िल में घोली मिठास: कार्यक्रम की शुरुआत विद्या किबे ने ‘ख़त लिख दे साँवरिया’ नज़्म गाकर की। इसके बाद वृन्दा मूळे ने ‘रात का समां’ गाकर समां बाँध दिया। उनके बाद डॉ. पुष्पा वर्मा ने ‘कोई मतवाला’ गीत सुनाकर महफ़िल में मधुरता बिखेरी। उर्वशी वागळे ने ‘पर्दे में रहने दो’ दिलकश अंदाज़ में गाकर तालियां बटोरीं। सुजाता जोशी ने ‘जाइये आप कहां जाएंगे’ गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, तो वहीं शुभदा जोशी ने ‘सायोनारा सायोनारा’ गीत सुनाकर श्रोताओं के ज़हनो दिल में बीते दौर की यादें ताज़ा कर दीं।The 'Swar Ninad' organization organized a program in Indore based on the films of Asha Parekh. Report: Indore Studio.‘ड्यूएट्स’ की शानदार जुगलबंदी: एकल प्रस्तुतियों के बाद ‘ड्यूएट्स’ (युगल गीतों) की बारी आई। रमेश पटेल के साथ विद्या किबे ने ‘ओ हसीना ज़ुल्फों वाली’ गाकर खूब वाहवाही पाई। रमेश पटेल के साथ डॉ. पुष्पा वर्मा ने ‘साथिया नहीं जाना’ गाकर महफ़िल को आगे बढ़ाया। रमेश पटेल के साथ वृन्दा मूळे ने ‘सौ साल पहले’ गीत गाया तो सुजाता जोशी के साथ ‘इतना ना मुझसे तू प्यार बढ़ा’ प्रस्तुत किया। उर्वशी वागळे के साथ रमेश पटेल ने ‘आन मिलो सजना’ गीत प्रस्तुत कर भरपूर तालियां बटोरीं। इस पूरे कार्यक्रम का सूत्र संचालन अनीता हेमनानी ने बड़े ही दिलकश अंदाज़ में किया।The 'Swar Ninad' organization organized a program in Indore based on the films of Asha Parekh. Report: Indore Studio.श्रोताओं की पसंद बने ये 26 सदाबहार गीत: 1. ख़त लिख दे (विद्या किबे), 2. रात का समां (वृन्दा मूळे), 3. कोई मतवाला (डॉ. पुष्पा वर्मा), 4. पर्दे में रहने दो (उर्वशी वागळे), 5. जाइए आप कहां (सुजाता जोशी), 6. मुझे तुम मिल गए (शुभदा जोशी), 7. सुनो सजना (विद्या किबे), 8. सौ साल पहले (वृन्दा मूळे और रमेश पटेल), 9. तेरी आँखों के सिवा (डॉ. पुष्पा वर्मा)।The 'Swar Ninad' organization organized a program in Indore based on the films of Asha Parekh. Report: Indore Studio. 10. कितना प्यारा वादा (उर्वशी वागळे और रमेश पटेल), 11. ओ मेरे शाहेखुबा (सुजाता जोशी), 12. सायोनारा सायोनारा (शुभदा जोशी), 13. ओ हसीना ज़ुल्फों वाली (विद्या किबे और रमेश पटेल), 14. आजा पिया तोहे (वृन्दा मूळे), 15. साथियां नही जाना (डॉ. पुष्पा वर्मा और रमेश पटेल), 16. तुम मुझे यूँ (उर्वशी वागळे), 17. इतना ना मुझसे तू (सुजाता जोशी और रमेश पटेल), 18. जब चली ठंडी हवा (वृन्दा मूळे), 19. ओ मेरे सोना रे (विद्या किबे), 20. ये मेरी ज़िंदगी (डॉ. पुष्पा वर्मा)।The 'Swar Ninad' organization organized a program in Indore based on the films of Asha Parekh. Report: Indore Studio. 21. आन मिलो सजना (उर्वशी वागळे और रमेश पटेल), 22. क्या जानू सजन (सुजाता जोशी), 23. ना कोई उमंग है (उर्वशी वागळे), 24. ये दुनियां वाले पूछेंगे (सुजाता जोशी और रमेश पटेल), 25. अच्छा तो हम चलते है (विद्या किबे और रमेश पटेल), 26. आज की मुलाक़ात (डॉ. पुष्पा वर्मा और रमेश पटेल)।jublee girl Asha parekh हिंदी सिनेमा की ‘जुबली गर्ल’ का सफर: आशा पारेख ने 1959 से लेकर 1980 के दशक तक हिंदी सिनेमा में अपनी अदाकारी का परचम लहराया और 85 से अधिक फिल्मों में काम किया। ‘दिल देकर देखो’ से शुरुआत कर उन्होंने ‘तीसरी मंज़िल’, ‘लव इन टोक्यो’, ‘दो बदन’, ‘कटी पतंग’, ‘कारवां’ और ‘मेरा गाँव मेरा देश’ जैसी हिट फिल्मों से दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी। वे अपनी नृत्य-कला, ग्लैमरस अंदाज़ और भावनात्मक अभिनय के कारण इंडस्ट्री में बेहद पसंद की गईं। उनके योगदान को सम्मानित करते हुए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स, पद्मश्री और दादासाहेब फाल्के पुरस्कार सहित कई सम्मान मिले, जिससे वे हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित अभिनेत्रियों में शुमार हुईं। आगे पढ़िये -चंडीगढ़ में कलानिधी की प्रदर्शनी का आगाज़ – https://indorestudio.com/kala-nidhi-2nd-national-annual-art-exhibition-chandigarh-report/

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