बड़ी कंपनियां बदल सकती हैं कलाकारों की दशा

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कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। बड़ी कंपनियां अगर कलाओं के हित में अपने सीएसआर फंड का सदुपयोग पूरी ईमानदारी से करें तो देश के कलाकारों की दशा बदल सकती है। यह बात आर्ट कम्यून के संस्थापक बायोनिक विजुअल आर्टिस्ट डॉ. अमिताभ श्रीवास्तव ने कही। डॉ. श्रीवास्तव इंदौर में वर्ल्ड आर्ट डे पर आयोजित ‘रूबरु’ कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। स्थानीय अभिनव कला समाज में यह कार्यक्रम स्टेट प्रेस क्लब, मप्र ने आयोजित किया। विशिष्ट हस्तियों ने दिलाया भरोसा: इस कार्यक्रम में बेवर्ली हिल्स की रॉयल क्वीन डॉ. मुन्नी आयरोनी, कॉस्मिक हार्ट गैलरी की सुश्री जालपा विट्ठलानी, मध्यप्रदेश सरकार की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती स्मिता भारद्वाज, ब्यूटी एजुकेटर सुश्री उन्नति सिंह और सयाजी होटल की निदेशक श्रीमती सुचित्रा साजिद धनानी ने भी अपने महत्वपूर्ण विचार रखे। सभी ने अपने स्तर पर श्रेष्ठ योगदान का भरोसा दिलाया। डॉ. अमिताभ श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि आर्ट का बिकना ज़रूरी है और उसके लिए आर्ट एप्रीसियेशन भी ज़रूरी है। भारत से बड़ा कोई ब्रांड नहीं: कार्यक्रम में आर्ट एंड पीस अवार्ड की संस्थापक डॉ.मुन्नी आयरोनी ने कहा कि वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कलाकारों की आवाज़ बनना चाहती हैं, क्योंकि उनकी नजर में भारत से बड़ा कोई ब्रांड नहीं है। वे भारत से इतना लगाव रखती हैं कि स्वयं को हिंदू बनाकर भारतीय आध्यात्म में गहरी डूबी हैं। उद्योगपति एवं आर्ट क्यूरेटर सुश्री जालपा एच. विट्ठलानी ने कहा कि कलाकारों को कलाकृति बनाने की कला तो आती है, लेकिन बेचने की कला नहीं आती। कला का कला के कद्रदानों के पास पहुंचना ज़रूरी है ताकि हर घर सुंदर हो। उन्होंने इंदौर के अच्छे कलाकारों को बड़े मंच प्रदान करने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता ज़ाहिर की। माटी फेस्टिवल फिर से होगा शुरू: जानी-मानी पॉटरी आर्टिस्ट श्रीमती सुचित्रा धनानी ने घोषणा की कि कोविड काल में बंद हुआ ‘माटी फेस्टिवल’ फिर से शुरू किया जायेगा। इस कला महोत्सव में शहर के कलाकारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने देश-विदेश के आर्ट प्रमोटर्स के साथ मिलकर शहर के कला जगत को आगे बढ़ाने में अपनी सहभागिता का भरोसा दिलाया। आईएचबी ग्लोबल फोरम की इंडिया हेड श्रीमती उन्नति सिंह ने कहा कि सभी तरह के कला फॉर्म्स के लिए समन्वित प्रयास ज़रूरी हैं। कला जगत के संवर्धन के लिए शासन और निजी क्षेत्र सभी तत्पर हैं। आशा की जानी चाहिए कि मिल जुलकर किये गये प्रयास से ठोस नतीजे निकलेंगे। कला प्रोजेक्ट को देगा शासन मदद: चित्रकार एवं मप्र शासन की एसीएस श्रीमती स्मिता भारद्वाज ने बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि शहर के सौ साल पुराने आर्ट कॉलेज, संग्रहालय, आर्ट गैलरी और विभिन्न कलाओं के संवर्धन के लिए अगर कोई समन्वित प्रोजेक्ट उन तक लाया जाता है तो वे अपने विभाग के माध्यम से उसे अमल में लाने का प्रयास करेंगी। श्रीमती भारद्वाज ने माना कि इंदौर में ललित कला अकादमी का सेंटर होना चाहिये, इसकी मांग सही है। कला प्रयासों को अंजाम तक पहुंचाएं: कला स्तंभ के निदेशक पुष्कर सोनी और वरिष्ठ कलाकार सुश्री शुभा वैद्य ने आशा जताई कि कलाकारों के प्रयास को अंजाम तक पहुँचाने में सभी की मदद मिल सकेगी। कार्यक्रम के प्रथम चरण में स्टेट प्रेस क्लब, मध्यप्रदेश के अध्यक्ष श्री प्रवीण कुमार खारीवाल के साथ ही अभिषेक बड़जात्या, पुष्कर सोनी, मोहनलाल मंत्री, नेहा जैन एवं सुदेश गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन एवं आभार प्रदर्शन कलाकर्मी एवं पत्रकार आलोक बाजपेयी ने किया। अंत में स्टेट प्रेस क्लब की तरफ से अतिथियों को स्मृति चिन्ह और साहित्य सामग्री श्री हरेराम बाजपेयी, श्रीमती शुभा वैद्य, सुश्री सोनाली यादव, श्रीमती मीना राणा शाह, डॉ. माधव हसानी और प्रवीण धनोतिया ने प्रदान किए। https://indorestudio.com/

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