डॉ.ज़ाकिर अली, इंदौर स्टूडियो। नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में दिनांक 11 जून को उर्दू के रचनाकार
मोहसिन खान को उनके उपन्यास ‘अल्लाह मियाँ का कारख़ाना‘ के लिए 21 लाख रुपये के पहले बैंक आफ बड़ौदा राष्ट्रभाषा सम्मान से नवाज़ा गया। इसके साथ ही उपन्यास के हिन्दी अनुवादक डाॅ. सईद अहमद संदीलवी को भी पुस्तक के हिन्दी अनुवाद के लिए 15 लाख रुपये प्रदान कर सम्मानित किया गया। ज्ञातव्य है कि यह पुरस्कार बैंक आफ बड़ौदा द्वारा भाषाई सामंजस्य को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है, जिसमें भारतीय भाषाओं से हिन्दी में अनुदित पुस्तकों के मूल लेखकों व अनुवादकों को पुरस्कृत किया जाता है।
मोहसिन खान को उनके उपन्यास ‘अल्लाह मियाँ का कारख़ाना‘ के लिए 21 लाख रुपये के पहले बैंक आफ बड़ौदा राष्ट्रभाषा सम्मान से नवाज़ा गया। इसके साथ ही उपन्यास के हिन्दी अनुवादक डाॅ. सईद अहमद संदीलवी को भी पुस्तक के हिन्दी अनुवाद के लिए 15 लाख रुपये प्रदान कर सम्मानित किया गया। ज्ञातव्य है कि यह पुरस्कार बैंक आफ बड़ौदा द्वारा भाषाई सामंजस्य को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है, जिसमें भारतीय भाषाओं से हिन्दी में अनुदित पुस्तकों के मूल लेखकों व अनुवादकों को पुरस्कृत किया जाता है।
‘जामुन वाले बाबा‘ चर्चित कहानी: उर्दू अकादमी, लखनऊ से सुपरिंटेंडेंट के पद से रिटायर हुए मोहसिन खान मुख्य रूप से बाल कहानीकार हैं। उनकी शानदार चित्रात्मक लम्बी कहानी ‘जामुन वाले बाबा‘ बेहद चर्चित रही है। राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद, नई दिल्ली से छपी उनकी इस किताब के साथ ही कई अन्य किताबें भी छपी हैं, जिनमें ‘साझे का घोंसला’, ‘तोता कहानी’ और ‘इंसाफ’ प्रमुख हैं। इसके अलावा उर्दू अकादमी, लखनऊ से प्रकाशित उनके बाल कहानी संग्रह ‘दोस्ती का जश्न’, ‘मनसा राम का गधा’ एवं ‘चीनू खान‘ भी चर्चित रही हैं।

