बाल मन को दर्शाती फ़िल्म ‘बाइसिकल डेज़’ 14 अप्रैल से सिनेमाघरों में

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नीरज कुंदेर, इंदौर स्टूडियो। बाल मनो-भावनाओं के साथ ही, दोस्ती और शिक्षा के महत्व को दर्शाती फ़िल्म ‘बाइसिकल डेज़’ 14 अप्रैल से सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है। इस फ़िल्म का निर्माण देवयानी अनंत के साथ ही धनश्री रोडे, दीपा सुळे ने किया है। फिल्म को मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा  ज़िले में फिल्माया गया है। देवयानी अनंत, छिंदवाड़ा की मूल निवासी हैं, विदिशा के इंजीनियरिंग कॉलेज में उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। बीते दस सालों से वे फिल्मी दुनिया में सक्रिय हैं। विशेष बात यह भी है कि विंध्य फ़िल्म फेस्टिवल में इस फ़िल्म की पहले दिन स्क्रीनिंग की गई थी। दस साल के स्कूली छात्र की कहानी: यह फिल्म 10 साल के एक स्कूली छात्र आशीष की कहानी है जो गाँव के एक मध्यम वर्गीय परिवार का बच्चा है। आशीष भी बाकी बच्चों की तरह अपने आस-पास के माहौल से प्रभावित है। आशीष भी अपने दोस्तों की तरह शहर पढ़ने जाना चाहता है। परंतु उसके पिताजी चाहते हैं कि वो गाँव में ही पढ़े, उसे भी बाकी बच्चों की तरह नई पुस्तकों से पढ़ना है। उसे उसकी बड़ी बहन की पुरानी पुस्तकें दी जाती है। स्कूल के करीब ही वह रहता है, इसीलिये वह सरकार की तरफ़ से भेंट होने वाली साइकिल से वंचित रह जाता है। वह निराश होने लगता है। वह हर उस बात और व्यक्ति से नाराज़ हो जाता है जिससे पहले वह प्रेम करता था।दोस्ती और शिक्षा का महत्व: देवयानी अनंत द्वारा निर्देशित और लिखित यह फिल्म बच्चों की मानसिक स्थिति को दर्शाती है। यह फिल्म जीवन में दोस्ती और एक छात्र के जीवन में शिक्षक की भूमिका की महत्व को समझाती है। यह फिल्म विपरीत परिस्तिथियों में धीरज रखना सिखाती है। आशीष की भूमिका में हैं दर्शित और शिक्षक की सोहम शाह भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म में ऋषभ साहू, पर्व अग्रवाल, मुदित गुन्हेरे, कार्तिक नेमा, मितुल गुप्ते, निधि दीवान और उमेश शुक्ला ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई है। फिल्म में केयूर भगत का भावपूर्ण संगीत है,साहेब श्रेय के गीत पात्रों की भावनाओं और गहराई से व्यक्त करते हैं।पी. कल्याणी सुनील की सिनेमेटोग्राफी मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों की सुंदरता को दर्शाती है।
देवयानी की पहली फीचर फिल्म: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा की मूल निवासी देवयानी अनंत एक इंजीनियर है। उन्होंने विदिशा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। परंतु अब फिल्मी दुनिया में सक्रिय हैं।  “बाइसिकल डेज़” उनकी पहली हिन्दी फीचर फिल्म है, जिसमें छिंदवाड़ा के साथ ही मध्यप्रदेश के स्कूली बच्चों और कलाकारों ने काम किया है। इनमें रंगकर्म के कलाकार भी शामिल हैं। इनके अलावा 40 बच्चे शासकीय माध्यमिक शाला लकडाई जम्होड़ी के हैं, जहाँ पर मुख्य तौर पर फिल्मांकन किया गया है।

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