सुभाष अरोरा,इंदौर स्टुडियो। मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग एवं पर्यटन विभाग के सहयोग से मुरैना जिले की पावन स्थली 108 शिव मंदिर(बटेश्वर) पर दो दिवसीय ‘ह्रदय दृश्यम’ कला एवं संगीत उत्सव कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में स्पेनिश प्यानो वादक सुश्री अल्मुडेना लोंगर्स ने लोकगीतों और एकल पियानो वादन से मैत्री का पैग़ाम दिया। वहीं अमान अली बंगस ने सरोद वादन से जनता का मन मोह लिया। अमान अली बंगस ने राग श्री, सरस्वती, हंसध्वनी, बागेश्वरी, कथा राग देस की मनोहारी प्रस्तुति दी। आज़ादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ।
मंदिर परिसर में चित्रकला प्रदर्शनी: पर्यटन और संस्कृति विभाग ने मुरैना जिले के बटेश्वर में प्रथम संगीत समारोह से पर्यटन की महत्वता को निखारा है। दो दिवसीय ह्रदय दृश्यम कला एवं संगीत कार्यक्रम में ग्वालियर के कलाकारों ने श्री एलएन भावसर की अध्यक्षता में बटेश्वर मंदिर परिसर में रहकर पेंटिंग बनाई एवं वहीं प्रदर्शनी भी लगाई। ग्वालियर फाइन आर्ट महाविद्यालय के प्राचार्य श्री मधु सुदन शर्मा ने कला शिविर का संयोजन किया। कार्यक्रम में वैश्विक संगीत की मास्टर सुश्री अल्मुडेना लोंगर्स ने स्पेनिश फोक का शास्त्रीय प्यानो बजाकर बटेश्वर के 108 शिव मंदिरों में झंकार पैदा कर दी। इधर शास्त्रीय संगीत के प्रख्यात सरोद वादक उस्ताद हाफिज अली खां के परिजन अमान अली बंगस ने सरोद वादन कर भारतीय कला संस्कृति की शानदार छटा बिखेरी जिसे देख और सुनकर श्रोतागण आनंदित हुये।
चित्रकला प्रदर्शनी भी लगाई गई: कार्यक्रम स्थल पर चित्रकला प्रदर्शनी भी लगाई गई। ललित कला महाविद्यालय के ग्वालियर के प्राचार्य श्री मधुसूदन शर्मा और छात्रों ने चित्र कला का प्रदर्शन किया। इसमें विशेषज्ञ कलाकारों की भी हिस्सेदारी रही। कार्यक्रम के प्रारंभ में पूर्व मंत्री एवं सेवानिवृत्त आईपीएस श्री रूस्तम सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर कलाकारों को पुष्प गुच्छ भेंट कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रोशन कुमार सिंह,अपर कलेक्टर श्री नरोत्तम भार्गव, एसडीएम श्री शिवलाल शाक्य, पुरातत्व विभाग के श्री अशोक शर्मा सहित मुरैना-ग्वालियर के संगीत श्रोता उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अशोकानंद ने किया। कार्यक्रम के अंत में अपर कलेक्टर ने आभार व्यक्त किया।
चमक उठे बटेश्वर के शिवमंदिर: मुरैना से 29 किलोमीटर दूर स्थित बटेश्वर के शिवमंदिर समूह उत्तर भारतीय मंदिर वास्तुकला शैली के है। मंदिरों में ज्यादातर छोटे है और 25 एकड़ में फैले है। ये मंदिर शिव, विष्णु और शक्ति को समर्पित है। बटेश्वरा मंदिर 8 वीं एवं 10वीं शताब्दी के बीच बनाये गये थे। इस स्थान का नाम संभवतः इस मंदिर प्रागंण के सबसे बड़े मंदिर भूतेश्वर मंदिर के नाम पर है, तथा इसे बटेश्वरा, बटेसर और बटेसरा के नाम से भी जाना जाता है। (लेखक ख्यात मूर्तिकार और कवि हैं।)

