जावेद अहमद शाह, इंदौर स्टुडियो। मुंबई में 10 फरवरी को मालवा के कबीरपंथी गायक पद्मश्री प्रह्लाद सिंह टिपाणिया को सतरहवें कुमार गन्धर्व सम्मान से नवाज़ा जायेगा। मुंबई के रविंद्र नाट्य मंदिर में शाम को यह आयोजन होगा। महाराष्ट्र कला अकादमी ने इस समारोह का आयोजन किया है। समारोह में इस चहेते लोक गायक को आदर-सत्कार के साथ 51 हज़ार रुपये की मान राशि,मयूर स्मृति चिन्ह,प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। समारोह के बाद प्रहलाद सिंह के भजनों का कार्यक्रम भी होगा।
अपनी प्रतिक्रिया में प्रहलाद टिपाणिया गायक ने बड़ी सादगी से कहा-” यह पुरस्कार मेरे सभी प्रशंसकों और साहेब बंदगी की असीम कृपा से मिला है। हालांकि मैंने पुरस्कार दिये जाने के फ़ैसले पर आयोजकों से पूछा भी था..कहा था, हम तो बस सीधे-सादे भजन गाते हैं फिर हमें यह पुरस्कार क्यों ?”
आपको याद दिला दें, स्व.कुमार गंधर्व विलक्षण गायिकी के विशिष्ट प्रतिमान हैं। कर्नाटक के बेलगाम में जन्में और देवास को कर्मभूमि बनाने वाले इस अप्रतिम गायक ने शास्त्रीय गायन और भजनों के लिये बेजोड़ औ सीमा चिन्ह काम किया है। मुंबई में गंधर्व सम्मान समारोह की तरह ही मध्यप्रदेश सरकार भी उनके नाम पर पुरस्कार समारोह आयोजित करती है।
कुमार गंधर्व के गाये कबीर के भक्तिपद-“उड़ जाएगा हंस अकेला’ जैसी अनेक बंदिशें और रचनाओं को आज भी बेहद लगाव और सम्मान से सुना जाता है। हम यहां उनका गाया वही भजन साभार शेयर कर रहे हैं। साथ में कबीरपंथी प्रहलाद सिंह की गाई एक कबीर रचना भी श्री prabhat singh के यू ट्यूब चैनल से।