Saturday, May 9, 2026
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‘भक्त आनंद’ में बाल कलाकारों का भाव प्रवण अभिनय

कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। सीधी में नाटक ‘भक्त आनंद’ का मंचन हुआ। इस नाटक में बाल कलाकारों के भाव प्रवण अभिनय ने दर्शकों का दिल जीत लिया। नाटक में प्रियंका सिंह ने भक्त आनंद के पात्र को अपने अभिनय से जीवंत कर दिया। प्रवाचक की प्रभावी भूमिका सृजन मिश्र ने निभाई। इस नाटक के साथ ही प्रस्तुति परक बाल नाट्य कार्यशाला का भी समापन हो गया।सीधे-सादे बालक आनंद की कहानी: नाटक की कहानी आनंद नाम के एक बालक की है। आनंद सीधा और सरल स्वभाव का है। उसमें वैसे तो कोई बुराई नहीं मगर उसे खाने की आदत है। इस वजह से परिजन उसे घर से निकाल देते हैं। उसके बाद वह एक आश्रम में जाकर आराम से रहने लगता है। मगर दुर्भाग्य से एकादशी के दिन आश्रम में भोजन नहीं बनता। इस वजह से उसे गुरु की आज्ञानुसार, नदी के किनारे जाकर भोजन बनाना पड़ता है। गुरु जी आनंद को यह भी कहते हैं कि भगवान को भोग लगाने के बाद ही तुम प्रसाद खाना। जब प्रकट होते हैं प्रभु राम: भोजन बनाने के बाद आनंद, प्रभु राम को आवाज़ देता है, वे सीता जी को लेकर प्रकट हो जाते हैं। इस तरह आनंद पेट भर के प्रसाद को पाने में असमर्थ हो जाता है। यह क्रम आगे भी चलता है, ऐसे में गुरू को आनंद पर अनाज बेचे का संदेह होता है। मगर जब वे नदी पर आते हैं, तब उन्हें भगवान के दर्शन हो जाते हैं।इन बाल कलाकारों ने किया अभिनय: नाटक में अनुभूति,अभिनय,अभिषेक,अनुभव,अकुल कुंदेर के साथ ही रौनक कचेर, सौरभ सेन, परी सेन, दीक्षा सिंह वैश्य, श्रद्धा पाण्डेय, प्रियंका सिंह, अभ्यवी सिंह, ओमकार पाण्डेय, सृजन मिश्र और शिवांशु विश्वकर्मा ने अभिनय किया। रोशनी प्रसाद मिश्र ने किया निर्देशन: नाटक का निर्देशन रोशनी प्रसाद मिश्र ने किया। उन्होंने ही नाटक का आलेख लिखा और संगीत तैयार किया। जबकि इस प्रस्तुति का संयोजन नीरज कुंदेर, नृत्य – मनोज कुमार यादव, प्रकाश – रजनीश जायसवाल तथा वेशभूषा – प्रजीत साकेत का रहा। हरमोनियम पर सृजन मिश्र तथा ढोलक पर संगत श्लोक तिवारी ने संगत की। विशेष सहयोग ट्रांसफ्रेम और लकी कंप्यूटर का रहा। कार्यशाला का प्रायोजन आर्ट ऑन क्लिक, प्रबंधन एक्सट्रीम आर्ट एण्ड एजुकेशनल सोसायटी व संयोजन रंगपटल परफार्मिंग आर्ट सोसायटी ने किया।कलाकारों को प्रमाण पत्र वितरित: नाट्य प्रस्तुति उपरान्त प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि बाल कलाकारों में प्रतिभा की कमी नहीं, अगर इसी तरह कार्यशालाओं का आयोजन होता रहेगा तो बच्चे अवश्य ही सीधी का नाम रोशन करेंगे। अंत में नीरज कुंदेर ने सभी अतिथियों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बतौर अतिथि डॉ.अनिल सिंह, डॉ. शिवशंकर मिश्र, डॉ.अनूप मिश्र, डॉ.रामगरीब पाण्डेय विकल, बाबूलाल कुंदेर, रामनरेश सिंह चौहान,रामबदन जायसवाल, प्रवीण सिंह,श्रवण मिश्र एवं बृजेश चौधरी शामिल हुए। आगे पढ़िये –

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