25 वें ‘भारंगम’ में होंगे 277 नाटक, शुरू होगा रेडियो-ओटीटी चैनल

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शकील अख़्तर, इंदौर स्टूडियो। ‘भारत रंग महोत्सव’ (भारंगम/BRM) 27 जनवरी से शुरू होकर 22 फरवरी 2026 तक चलेगा। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, दिल्ली (NSD) के इस विशद आयोजन में कुल 277 नाटकों का मंचन होगा, जिनमें 136 चयनित और 12 विदेशी प्रस्तुतियां शामिल हैं। नाटकों का प्रदर्शन देश-विदेश के 40 केंद्रों पर किया जाएगा, जिनमें सातों महाद्वीपों के एक-एक देश भी शामिल हैं। शुभारंभ के दिन से ही एनएसडी अपना रेडियो, पॉडकास्ट और ओटीटी चैनल भी शुरू करेगा। एनएसडी के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी ने यह जानकारी दी। वे एनएसडी परिसर के ‘सम्मुख सभागार’ में आयोजित प्रेस मीट में मीडियाकर्मियों से संवाद कर रहे थे। विश्व का सबसे बड़ा नाट्य महोत्सव: प्रारंभ में उपाध्यक्ष प्रो. भरत गुप्त ने कहा कि यह विश्व का सबसे बड़ा नाट्य महोत्सव है, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है, जिस पर ज़ोर दिया जाना चाहिये। इस अवसर पर विद्यालय के रजिस्ट्रार प्रदीप के. मोहंती, प्रो. शांतनु बोस और सुमन वैद्य भी मौजूद थे। सभी ने 25 वें भारत रंग महोत्सव का पोस्टर भी जारी किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रकाश झा ने किया।अब एनएसडी का रेडियो, पॉडकास्ट और ओटीटी: निदेशक त्रिपाठी ने कहा, ‘एनएसडी के अपने रेडियो-पॉडकास्ट की औपचारिक घोषणा 27 जनवरी को शुभारंभ के अवसर पर होना थी, लेकिन इस संबंध में पूछे गये सवाल के जवाब में पहली बार ये जानकारी साझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, रेडियो, पॉडकास्ट और ओटीटी चैनल के लिये राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के पास नाटकों का विशाल ख़ज़ाना है, जिसका लाभ इन प्रसार माध्यमों से विश्वभर के नाट्य प्रेमियों को मिलेगा। जश्न-ए-बचपन और बाल संगम की वापसी: श्री त्रिपाठी ने कहा कि इस बार के महोत्सव में जश्ने बचपन और बाल संगम की प्रस्तुतियां भी होंगी। 2019 के बाद से इनकी गतिविधियां रुकी हुई थीं, लेकिन 25वें संस्करण से इनकी वापसी हो रही है। इनमें आदि रंग महोत्सव और पपेट थियेटर आदि भी शामिल है। भविष्य में बाल रंगमंच की दोनों गतिविधियां पहले की जारी रहेंगी। स्वरूप कैसा होगा, यह अभी आने वाले वक्त में पता चल जायेगा। बुक माय शो पर उपलब्ध होंगे टिकट: एक सवाल के जवाब में त्रिपाठी ने बताया कि महोत्सव के टिकट बुक माय शो से ही उपलब्ध होंगे। टिकट दरों में मामूली वृद्धि की गई है, जो केवल मंच के सामने की पंक्तियों पर लागू होगी। इससे विद्यालय को अतिरिक्त आय होगी, जो वर्तमान टिकट दरों की तुलना में बहुत कम है।चयन प्रक्रिया और भाषाई विविधता: श्री त्रिपाठी ने कहा- ‘इस बार देश भर से 817 और विदेशों से 34 आवेदन प्राप्त हुए थे। दो राउंड की स्क्रीनिंग के बाद चयन समितियों के 90 सदस्यों ने 136 नाटकों का चयन किया। सभी के लिये एक सी प्रक्रिया अपनाई गई। चाहे वह भारत के किसी अंचल से आया नाटक हो या फिर विदेश से। उस सभी में परफॉरमेंस या प्रस्तुति के स्तर को ही देखा गया।थियेटर के विदेशी समूह और संस्थाएं भी साथ: चिंत्तरंजन त्रिपाठी ने कहा- ‘विदेशी नाट्य संस्थाओं और थियेटर एजुकेशन से जुड़े संस्थानों ने भी नाट्य विद्यालय के इस महोत्सव में अपने स्तर पर जुड़ने में ख़ासी रुचि दिखाई है। वे परफॉर्म करने के साथ ही खर्च भी वहन कर रहे हैं। पोलेंड से लेकर मास्को तक परफॉरमेंस होंगे। हर महाद्वीप के कमसेकम एक देश में नाट्य प्रस्तुतियां 25 वें महोत्सव का हिस्सा बनेंगी। इसमें इंडियन डायस्पोरा का महत्वपूर्ण योगदान है। इनके नाटकों का चयन भी स्क्रीनिंग के आधार पर ही हुआ है। उस प्रक्रिया में कहीं कोई ढील नहीं बरती गई है। महोत्सव में महिला निर्देशकों की भागीदारी: नाट्य विद्यालय के निदेशक ने कहा, महोत्सव में बिरसा मुंडा, लोकमाता अहिल्या बाई, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी ऐतिहासिक हस्तियों और रतन थियम, दया प्रकाश सिन्हा, बंसी कौल तथा आलोक चटर्जी जैसी थिएटर हस्तियों को याद किया जाएगा। एनएसडी दिल्ली कैंपस में इब्राहिम अलकाजी के सम्मान में विशेष सेमिनार आयोजित होगा। इस साल उनकी जन्मशती मनाई जा रही है। उनका नाट्य विद्यालय में अविस्मरणीय योगदान रहा है। विविध संस्कृतियों के इस समागम में कई विशेष हस्तियां भी शामिल होंगी जो संवाद और संगीत कार्यक्रमों में भाग लेंगी। महोत्सव के लिए इस बार एक नहीं दो रंग दूत होंगे, जिनमें से एक मीता वशिष्ठ हैं।’ श्रद्धांजलि और विशेष आयोजन: श्री त्रिपाठी ने कहा, महोत्सव में हर तरह के रंगमंच को देखने का अवसर मिलेगा। इस बार आयोजन में वरिष्ठ नागरिकों, सेक्स वर्करों, ट्रांसजेंडर और विशेष बच्चों की भागीदारी भी हो रही है। संयोग से इस बार 33 महिला निर्देशकों की नाट्य प्रस्तुतियां भी देखने को मिलेंगी। जबकि 19 विश्वविद्यालयों के युवा भी महोत्सव में अपनी प्रस्तुतियां देंगे। साथ ही कैंसर से बचे एक व्यक्ति और एनएसडी के पूर्व छात्र द्वारा लिखे और प्रस्तुत नाटकों का प्रदर्शन भी होगा। कुल 277 प्रस्तुतियों में 228 भाषाओं और बोलियों का समावेश भारंगम में होगा। श्रुति के तहत कोई 17 नई पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा’। आगे पढ़िये – रंग-राख में मंच पर बच्चों का बॉलीवुड – https://indorestudio.com/rang-rakh-nsd-children-drama-festival-2026/

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