Saturday, May 9, 2026
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‘भारंगम’ में नुक्कड़ नाटकों का ज़बरदस्त जोश, देखिये वीडियो..कीजिये युवा कलाकारों से मुलाक़ात

इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम। दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में 1 फरवरी से भारतीय रंग महोत्सव जारी है। इस महोत्सव में दिल्ली के करीब 50 कॉलेज के नाट्य समूह या ड्रामा सुसाइटीज़ भी हिस्सा ले रही हैं। ओपन लॉन में वे हर दिन अपने नाटकों का प्रदर्शन कर रही हैं। इंदौर स्टुडियो पर आप नुक्कड़ नाटक और उनकी टीमों पर बातचीत के ख़ास वीडियो देख सकते हैं।  सबसे पहले देखिये दिल्ली के दौलत राम कॉलेज के ड्रामा ग्रुप ‘मेनेसिस’ के प्रदर्शित नाटक-‘रूकावट के लिये खेद है!’ की एक झलक। इससे आपको अंदाज़ा होगा कि युवा किस तरह से अपनी बात यहां पर रख रहे हैं। इस टीन की समन्यवक और डायरेक्टर हैं पलक।

भारत रंग महोत्सव में हर दिन हो रहे स्ट्रीट प्ले : यहां पर हर दिन स्ट्रीट प्ले मंचित हो रहे हैं। नुक्कड़ नाटक प्रदर्शित करने वाली इन टीमों का जोश देखते ही बनता है। हर दिन ये टीमें अलग-अलग विषयों और मुद्दों पर नाटक कर रही हैं। इंदौर स्टुडियो ने दो कॉलेजों के ड्रामा ग्रुप्स से बातचीत की। इन वीडियो में वे बता रहे हैं, उन्होंने किस मुद्दे पर अपना नुक्कड़ नाटक खेला और उसे प्रस्तुत करने के पीछे उनका उद्देश्य क्या है। देखिये सबसे पहले दौलत राम कॉलेज के ड्रामा ग्रुप की सभी महिला कलाकारों से बातचीत का खास वीडियो।

नुक्कड़ नाटक के प्रदर्शन के बाद चर्चा भी: ख़ास बात यह भी है कि स्ट्रीट प्लेज़ के प्रदर्शन के बाद युवा टोलियों से एनएसडी के सीनियर छात्र चर्चा भी करते हैं। इस संवाद के दौरान एक तरफ युवाओं के उठाये मुद्दों और उसकी प्रस्तुति को लेकर आपसी विचार-विमर्श होता है। इस बात पर खुद युवा कलाकार खुशी जता रहे हैं। इस वीडियो में देखिये दिल्ली के ‘जज़्बा थिएटर ग्रुप’ के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति-‘बीमार ज़िदंगी’ के साथ ही नुक्कड़ नाटकों पर चर्चा के बारे में कलाकारों ने क्या कहा ? इस टीम की समन्यवक हैं अवनि।

असल में एनएसडी के सीनियर छात्र युवा रंगकर्मियों को नाटक की रचना, कॉस्ट्यूम,संगीत, प्रस्तुति, विषय वस्तु आदि के स्तर पर काफी कुछ समझाने को कोशिश करते हैं। इसके एक मकसद यह भी होता है कि नये रंग समूह एनएसडी के बारे में जाने, यहां की गतिविधियों से जुड़े और रंगमंच के प्रति अपनी समझ को और भी बढ़ा सके। कुछ सीखकर आगे बढ़ सकें। रंगमंच कला में वक्त और हालात के साथ अपना रचनात्मक योगदान दे सकें।

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