कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। 22 वें भारत रंग महोत्सव (भारंगम) का आयोजन 14 से 26 फरवरी तक दिल्ली समेत देश के कुल 10 शहरों में होगा। ये शहर हैं- जयपुर, राजमुंदरी, रांची, गुवाहाटी, जम्मू, श्रीनगर, भोपाल, नासिक और केवड़िया। इस बार भारंगम 22 दिनों की जगह सिर्फ 12 दिनों का होगा। पूरे महोत्सव में कुल 80 नाटकों का मंचन होगा।राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक प्रो.डॉ.रमेश चंद्र गौर ने एक संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही।
महोत्सव में 80 नाटकों का मंचन होगा: डॉ.रमेश गौर के मुताबिक, कुल 80 नाटकों में से दिल्ली में 33 नाटकों और बाकी के नौ शहरों में 47 नाटकों का मंचन होगा। दिल्ली में महोत्सव का शुभारंभ होगा और गुजरात के केवड़िया में इसका समापन होगा। कोविड की वजह से विदेशी नाटकों को फिलहाल शामिल नहीं किया जा सका है। यद्दपि भविष्य में जी-20 सम्मेलन के दौरान दस विदेशी नाटकों की प्रस्तुति पर विचार किया जा रहा है। इन नाटकों का चयन हो चुका है।(महोत्सव में होने वाले नाटक ‘दि डाइस ऑफ डिज़ाइर’ का एक दृश्य)
सीमित अवधि के महोत्सव से होगी बचत: डॉ. गौर ने कहा कि महोत्सव को 12 दिनों तक सीमित किये जाने की वजह से करीब दो करोड़ के बचत की संभावना है। राज्य सरकारों ने भी आयोजन में सहयोग किया है, प्रर्दशन स्थल सहित अन्य कुछ सुविधाएं हमें नि:शुल्क मुहैया कराने में मदद दी है। उन्होंने कहा कि इस बार हमें चयन के लिये 900 से अधिक एंट्रीज़ मिली थी। उनमें से 80 नाटकों को चुना गया है। इन नाटकों में हिन्दी के अलावा उर्दू समेत अन्य भारतीय भाषाओं और अंग्रेज़ी में नाटक होंगे। महोत्सव में पुस्तक विमोचन और निर्देशकों से मुलाक़ात जैसे कार्यक्रम भी पहले की तरह होंगे। विश्वास है ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ की अवधि में हो रहा यह आयोजन दर्शकों के दिलों में भारतीय भावना को लंबे समय तक जगाये रखेगा। (महोत्सव में खेले जाने वाले नाटक ‘वेलकम ज़िदंगी’ का दृश्य)
प्रदर्शन स्थल बन जाता है एक मेला स्थल: डॉ.रमेश चंद्र गौर ने कहा, महोत्सव के समय में प्रर्दशन स्थल का नज़ारा देखते ही बनता है। प्रदर्शन स्थल, मेला स्थल में बदल दिया जाता है, जहाँ आधुनिक प्रयोगों से लेकर लोक और पारंपरिक नाट्य संस्कृति का माहौल बन जाता है। उन्होंने बताया, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय ने भारत रंग महोत्सव के तहत वर्ष 2018 में 17 फरवरी से 8 अप्रैल तक 8 वें थियेटर ओलंपिक का एक विशद सफल आयोजन हुआ था। इसमें भारत और दुनिया भर के 350 से अधिक थिएटर समूहों ने भाग लिया था। यह भव्य आयोजन आज भी दुनिया भर में चर्चा का विषय है। हमें विश्वास है कि 22 वां भारत रंग महोत्सव 2023, भी रंगमंच की दुनिया में भी नए मानदंड स्थापित कर सकेगा।
भारत रंग महोत्सव 14 फरवरी से, दिल्ली समेत 10 शहरों में आयोजन
RELATED ARTICLES

