इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम। ‘भारत रंग महोत्सव अभी दिल्ली के साथ देश के पांच और राज्य में होता है। इसका विस्तार हर राज्य में होना चाहिये।’ भारंगम महोत्सव में इंदौर स्टुडियो को दिये अपने वीडियो इंटरव्यू में यह बात दिल्ली के वरिष्ठ कला समीक्षक बीएस बाजेली ने कही। वे पिछले 20 सालों से भारत रंग महोत्सव को कवर कर रहे हैं। वे 15 सालों से देश के प्रतिष्ठित अंग्रेजी पत्र ‘दि हिन्दू’ के लिये थिएटर गतिविधियों को कवर करते हैं। दिल्ली से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय समाचार पत्रों के लिये रंगमंच और सिनेमा पर लिखते हैं।
भारंगम में करे बढ़-चढ़कर शिरकत : बाजेली ने कहा, ‘ भारत रंग महोत्सव का बजट और बढ़ाया जाना चाहिये, ताकि रंगमंच की कला को और विस्तार मिल सके। देश के सभी राज्यों में उत्सव से जुड़े आयोजन हो सके। वहां के दर्शक भी अच्छे नाटक देख सकें। ‘ उन्होंने कला प्रेमियो और रंगमंच से जुड़े कलाकारों से भारत रंग महोत्सव के आयोजन में बढ़-चढ़कर शिरकत की अपील की। बाजेली ने कहा, उत्सव में श्रेष्ठ नाटक दिखाए जाते हैं। इनका चयन बेहद कठिन दौर से गुज़रता है। 70 से 100 नाटकों के चयन के लिये 1300 नाटकों की देश-विदेश से एंट्रीज़ मिलती हैं। उनका दो समितियां चयन करती हैं। तब जाकर उनमें से प्रदर्शन योग्य नाटकों का चयन होता है। ज़ाहिर है कि उत्सव में सर्वश्रेष्ठ नाटक दिखाए जाते हैं। 20 फरवरी तक भारत रंग महोत्सव : आपको बता दे, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के परिसर में 1 फरवरी से भारत रंग महोत्सव जारी है। 20 फरवरी को इसका समापन होगा। इसमें इस बार 100 से अधिक नाटकों के साथ ही लोक नाटक, नृत्य, नाटकों पर चर्चा और संवाद जैसे आयोजन हो रहे हैं। स्थानीय कॉलेज और नाट्य मंडलियां रोज़ाना कमसेकम दो नुक्कड़ नाटकों का प्रदर्शन कर रही हैं। नाटक एऩएसडी के कैम्पस में मौजूद दर्शक दीर्घाओं के साथ कमानी और एलटीजी में हो रहे हैं।

