कला प्रतिनिधि,इंदौर स्टुडियो। भोपाल में युवाओं की साहित्य के क्षेत्र में रूचि बनाए रखने उद्देश्य से गणतंत्र दिवस के अवसर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कोरोना संक्रमण की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए यह गोष्ठी ऑनलाइन आयोजित हुई। इसमें साहित्य के क्षेत्र में रुचि रखने वाले स्कूली छात्र और श्रोता मौजूद रहे।
गोष्ठी का संयोजन कुमार देशबंधु ने किया। इस दौरान उन्होंने वतन से प्रेम विषय पर रचनाओं का पाठ किया। इसमें उन्होंने लफ़्ज़ गुनगुनाते हैं, इनके सवरने के बाद.., तुम्हरी यादें भी गजब है.., तुम बीमारी हो या, दवा पता नही.., मन का क्या.., जैसी रचनाएं सुनाई।
गोष्ठी का संयोजन कुमार देशबंधु ने किया। इस दौरान उन्होंने वतन से प्रेम विषय पर रचनाओं का पाठ किया। इसमें उन्होंने लफ़्ज़ गुनगुनाते हैं, इनके सवरने के बाद.., तुम्हरी यादें भी गजब है.., तुम बीमारी हो या, दवा पता नही.., मन का क्या.., जैसी रचनाएं सुनाई।
काव्य गोष्ठी के इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए इंदौर के राजेश ने देशभक्ति पर केंद्रित कविता देशभक्ति को मौसमी हवाएं न बनाओ.., को सुनाया। इस अवसर पर आदित्य सर्वहित सेन, पीयूष शर्मा, सत्यम सोनी, चयन नागर ने अपनी रचनाएं पढ़ी।

