इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम। सघन सोसायटी फॉर कल्चरल एवं वेलफेयर भोपाल द्वारा संगोष्ठी में हेमन्त देवलेकर के लिखे नाटक ‘चिड़ियाघर’ का नाट्य पाठ किया गया। आयोजन मायाराम सृजन सभागार में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष श्री हीरू चटर्जी ने की। नाटक के माध्यम से भ्रष्टाचार पर कटाक्ष किया गया है। नाटक में एक बेरोज़गार आम आदमी आजीविका के लिए संघर्षरत है। एक चिड़ियाघर में प्राणी संरक्षक का पद पाने के लिए उससे आदमी होने का प्रमाण-पत्र मांगा जाता है। एक प्रमाण-पत्र कार्यालय है, जहाँ मनचाहे प्रमाण-पत्र बनवाए जाते हैं। परंतु इस आदमी के पास न तो किसी की सिफ़ारिश है और न ही रिश्वत देने के पैसे। वह भ्रष्ट व्यवस्था के चंगुल में फँसता जाता है। प्रमाण-पत्र निरीक्षक उसमें जानवर होने के लक्षण खोज लेते हैं और उसे चिडियाघर भेज देते हैं। नाट्य पाठ के उपरान्त प्रषिक्षण प्राप्त कर रहे कलाकारो नें हेमन्त देवलेकर जी से प्रश्न पूछे गये। उनका कलाकारों को उत्तर देकर लेखक ने जिज्ञासा का निराकरण किया। अन्त में संस्था के सचिव ने उनका आभार व्यक्त किया।

