- दो सौ से ज़्यादा वरिष्ठ साहित्यकार और कलाकार इकट्ठा होंगे
- तीन दिनी आयोजन में सात से दस नवम्बर तक आयोजन
- देशभर के कथाकारों की प्रतिनिधि रचनाओं का ‘कथादेश’ होगा विमोचित
द टेलीप्रिंटर। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय 7 से 10 नवम्बर तक टैगोर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव का आयोजन भोपाल में करेगा । इसमें शीर्षस्थ रचनाकारों के साथ साहित्य एकेडमी, पद्म भूषण एवं पद्मश्री जैसे सम्मानों से विभूषित दो सौ से अधिक रचनाकार, विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्राध्यापक और विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है। इस महोत्सव में शासन के कई विभागों के साथ अन्य विश्वविद्यालय और संस्थान भी हिस्सेदारी कर रहे हैं जिनमें वनमाली सर्जन पीठ की केन्द्रीय भूमिका है। सम्मेलन में टैगोर के अवदान को रेखांकित करने के साथ-साथ वैश्विक और भारतीय भाषाओं के साहित्य, विशेषकर हिन्दी साहित्य के विभिन्न रूपों एवं शिक्षण पर विमर्श होगा। इसके अलावा रचना पाठ, पुस्तक चर्चा, लेखक से मिलिए, नाट्य प्रदर्शन, विश्वविद्यालयों में शिक्षण तथा कलाओं के अंतःसम्बंध जैसे कई भी होंगे। इस अवसर पर देश की दो सौ वर्षों की कथा परंपरा एवं लगभग 600 रचनाकारों को समेटते, 18 खंडों में प्रकाशित, “कथादेश” का लोकार्पण तथा प्रतिष्ठित ‘ वनमाली कथा सम्मान” का आयोजन भी किया जा रहा है। लगभग 60 सत्रों में ये आयोजन होंगे।

