इंदौर स्टूडियो डॉट कॉम। इंद्रवती नाट्य समिति सीधी द्वारा इन दिनों 21 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय महाउर कला महोत्सव जारी है। उत्सव के प्रथम पड़ाव “भ्रमणशील लोकरंग उत्सव” की शुरुआत सिहावल ब्लॉक के इन्द्रवती लोक कला ग्राम बरबंधा में 5 मार्च से हुई। 15 दिनों तक चलने वाले भ्रमणशील लोकरंग उत्सव जे द्वतीय, तृतीय एवं चतुर्थ दिवस क्रमशः बम्हना सरई, तेंदुहा एवं कुंसेड़ा में क्रमशः संतोष द्विवेदी एवं राजीव द्विवेदी के संयोजन में आयोजित हुआ।

लोकरंग उत्सव मे लोक संस्कृति और लोक कलाओ की प्रस्तुति एवं परंपरा संवाहकों से वार्ता का सत्र रखकर किया जा रहा है। बम्हनासरई, तेन्दुहा, कुसेडा में दिनांक 6, 7 , 8 मार्च को स्थानीय कलाकारो व सेमर बाबा लोक कला मंच के संयोजन से आयोजित हुये इस उत्सव में बघेलखण्ड क्षेत्र के आदिवासी नृत्य करमा, शैला, गुदुमबाजा, चमरौहीं एवं होली के पावन अवसर पर बघेली जनमानस में उत्सव के रूप में व्याप्त फाग गायन भी हुआ।
कार्यक्रम के दौरान रंगस्थल पर रामलाल विश्वकर्मा ‘भूतपूर्व जनपद सदस्य’, अजीत सिंह ‘सरपंच’ एवं राजीव व्दिवेदी जी विशिष्ट आतिथि के रूप में उपस्थित रहे। भ्रमणशील लोकरंग महोत्सव का संयोजन कर रहे संतोष व्दिवेदी ने बताया कि सीधी रंगमंच के अनुकरणीय योगदान से नीरज कुन्देर, रोशनी प्रसाद मिश्रा, नरेन्द्र बहादुर सिंह, करुणा सिंह, रजनीश जायसवाल, प्रजीत साकेत, रुपेश मिश्रा की उपस्थिति में लोकरंग की अद्भुत छटा महाउर महानुष्ठान लोक जीवन शैली के जानने समझने अनूठा प्रयास है, सेमर बाबा लोककला मंच के अध्यक्ष भगवान सिंह, मो. इस्लाम , विनोद व्दिवेदी, रघुराज सिंह, अशोक सिंह, बच्चूसिंह, शभ्भूसिह, आदि का सक्रिय योगदान रहा।

