Wednesday, September 9, 2026
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‘चरणदास चोर’ का बघेली में मंचन, बच्चों ने जमाया ‘रंग’

कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। सीधी में UCN MAS पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने नाटक ‘चरणदास चोर’ का बघेली में मंचन किया। नाटक में बाल कलाकारों के शानदार अभिनय को देखकर दर्शक भाव-विभोर हो गये, उन्होंने जमकर तालियां बजाईं, कलाकारों का हौसला बढ़ाया। नाटक का मंचन स्थानीय बैजनाथ सभागार में हुआ। मूल रूप से राजस्थान की लोककथा: चरणदास चोर नाटक की मूल कहानी राजस्थान के सुप्रसिद्ध कहानीकार विजयदान देथा की कहानी पर आधारित है। यह मूलतः राजस्थान की लोककथा है। इसका नाट्य लेखन और संगीत पद्मविभूषण स्व. हबीब तनवीर ने छत्तीसगढ़ी में किया था। नाटक का बघेली में रूपांतरण और निर्देशन रोशनी प्रसाद मिश्र ने किया। संयोजन नीरज कुंदेर का रहा। इस नाटक को इन्द्रवती नाट्य समिति सीधी द्वारा आयोजित बाल नाट्य कार्यशाला में तैयार किया गया था। संगीत प्रजीत साकेत और श्लोक तिवारी और प्रकाश संयोजन रजनीश जायसवाल का था। एक चोर की कहानी का नाटक: यह एक चरणदास नाम के एक चोर की कहानी है। यह चोर धनी लोगों के यहां चोरी करता है और गरीबों में बांट देता है। संयोगवश एक दिन हवलदार उसका पीछा करता है और वह एक मंदिर में साधु के पास छिप जाता है। साधु चोरी न करने को कहता है, पर वह नहीं मानता बल्कि 5 संकल्प लेता है। जैसे सोने की थाली में भोजन नहीं करना, हाथी में चढ़कर जुलूस में न जाना, किसी भी राजकुमारी के साथ विवाह न करना, किसी राज्य का राजा न बनना और झूठ न बोलना। राजमहल में चोरी का परिणाम: दुर्भाग्य से चरणदास, राजमहल में चोरी करता है। यह उसका आख़िरी लक्ष्य होता है। चोरी के बाद वह रानी को सच बता देता है। रानी इस बात से ख़ुश होकर उसे सोने की थाली में भोजन करने, हाथी में बैठकर जुलूस में जाने, अपने साथ विवाह करने और राज्य का राजा बना देने का प्रस्ताव रखती है। वह धोखे से वचन को निभाता है और जब झूठ बोलने से भी इंकार कर देता है तो रानी उसे मृत्युदंड देती है। परंतु चोर मरता नहीं बल्कि अमर हो जाता है।बाल कलाकारों का शानदार अभिनय: नाटक में बाल कलाकारों ने शानदार अभिनय किया। उनके अभिनय और भावों को देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए। नाटक जिन बाल कलाकारों ने काम किया, उनके नाम हैं – अतुल्य सिंह, आर्यन सिंह, ऋषभ तिवारी, निर्विघ्न प्रताप सिंह, आदित्य जायसवाल,आयुष्मान सिंह परिहार, प्रखर श्रीवास्तव, आर्यन डहेरिया, शिवराज सिंह, कंचन साहू, सुमाक्षी राजपूत, नैतिक मिश्र, आकांक्षा साहू, वैष्णवी नामदेव,जान्हवी नामदेव,उत्कर्ष मिश्र,अमृता लक्ष्मी यादव, श्रेष्ठ सिंह। दीप प्रज्जवलन के साथ शुभारंभ: नाटक शुरू होने से पूर्व कार्यक्रम के अतिथि सूर्यप्रकाश सिंह बघेल, शिव बहादुर यादव, कविता सिंह चौहान, सुजीत सिंह एवं पुष्पराज सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होते हैं। कार्यशाला का प्रायोजन आर्ट ऑन क्लिक, प्रबंधन एक्सट्रीम आर्ट एंड एजुकेशनल सोसायटी सीधी व संयोजन रंगपटल परफार्मिंग आर्ट सोसायटी का था। आगे पढ़िये –

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