प्रवीण खारीवाल,इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम। कोरोना काल ने फ़िल्म इंडस्ट्री को भारी नुकसान पहुंचाया, लेकिन अब इंडस्ट्री में कामकाज अपनी रफ़्तार पकड़ चुका है। थिएटर भी 50 फीसदी क्षमता में खुल गए हैं। जैसे ही सिनेमा हॉल सौ फीसद क्षमता के साथ खुल जाएंगे, सिनेमाघरों की रौनक लौट आएगी। बॉलीवुड के ख्यात चरित्र अभिनेता गोविंद नामदेव ने यह बात कही। इंदौर के अभिनव कला समाज में नामदेव मीडियाकर्मियों के पूछे सवालों का जवाब दे रहे थे।
वरिष्ठ अभिनेता ने यह भी कहा-‘ओटीटी प्लेटफॉर्म के आने से सिनेमा के भविष्य पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा’। नामदेव ने कहा, ‘नये-नये माध्यम आते रहेंगे। परंतु सिनेमा और सिनेमाघरों की अपनी अहमियत बनी रहेगी’। आपको बता दें, गोविंद नामदेव इन दिनों इंदौर में ‘विराम’ नाम की एक वेबसिरीज़ की शूटिंग के लिये पहुंचे हैं। इस वेबसिरीज़ का निर्देशन इंदौर के ही प्रतिभाशाली कलाकार और जाने-पहचाने फ़िल्म एडिटर हर्षवर्धन व्यास निर्देशित कर रहे हैं। नामदेव इस वेबसिरीज़ में एक नामी वकील का किरदार अदा कर रहे हैं।
अभिनव कला समाज संस्था संगीत के साथ रंगमंच के कलाकारों के लिये भी सक्रिय है। यहां अपने सत्कार कार्यक्रम में नामदेव ने कलाकारों के लिये एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के इस सीनियर एक्टर ने कहा, ‘किसी भी कलाकार को सफलता हासिल करने के लिए खुद को तराशना बेहद जरूरी है। रियाज़ और रिहर्सल कलाकार को मांजते हैं। नाटक में किरदार निभाते समय कलाकार दर्शकों के सामने किसी किरदार को जीवंत रूप से निभाता है। दो-ढाई घंटे के नाटक में संवाद अदायगी में गलती न हो, चेहरे पर प्रसंग के अनुरूप भाव दिखाई दें, यहीं कलाकार को कसौटी पर खरा उतरना पड़ता है।
गोविंद नामदेव ने कहा,’अच्छा गुरु हो और छात्रों में सीखने की ललक हो तो अच्छा कलाकार बना जा सकता है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय जैसे संस्थान इसमें बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। अनुपम खेर, पंकज कपूर सहित कई बड़े कलाकार राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की ही देन हैं। वे खुद भी राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के छात्र रहे हैं। बाद में उन्होंने वर्षों तक वहां कई नाटकों में विभिन्न किरदार निभाए और खुद को तराशा। उन्होंने कलाकारों से कहा, नाटक, संगीत या दूसरी कोई भी विधा हो, रंगमंच पर या कैमरे के सामने हमारा प्रेजेंटेशन का स्तर ऐसा होना चाहिये कि हमारा किरदार जीवंत प्रतीत हो। अभिनय की बारीकियां सीखकर, उनका अभ्यास करके ही हम अपने लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं।ओटीटी प्लेटफार्म की सिरीज़ में अश्लीलता परोसे जाने के सवाल पर नामदेव ने कहा, इसका प्रमुख कारण हमारे संस्कारों में आई गिरावट है। महज़ क़ानून बनाने से कुछ नहीं होगा। हमें अपने संस्कारों की ओर लौटना होगा। उनके महत्व को समझना और अपनाना होगा।
कार्यक्रम के दौरान अभिनव कला समाज में गोविंद नामदेव के साथ निर्देशक हर्षवर्धन व्यास भी मौजूद थे। संस्था की ओर से अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल के साथ ही संजीव आचार्य, मनोहर लिम्बोदिया, कमल कस्तूरी, नितेश उपाध्याय, सोनाली यादव, आकाश चौकसे, विजय गुंजाल, अजय भट्ट, प्रवीण धनोतिया ने श्री नामदेव और बाकी अतिथियों का स्वागत किया। श्री नामदेव ने अभिनव कला समाज की गतिविधियों की तारीफ़ की।
लौट आयेगी सिनेमाघरों की रौनक : गोविंद नामदेव ने जताया भरोसा
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