कॉमेडी के रंगों से सजा 3 नाटकों का उत्सव, छाया रहा अरूण काटे के अभिनय का रंग

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ग्वालियर,7 मई ( इनपुट : अजय जैन, प्रदीप गर्ग, विनीता काटे। तस्वीरें: हृदय खत्री )। ग्वालियर में तीन दिवसीय वनमाला देवी स्मृति नाट्य समारोह में तीन हास्य नाटकों क्रमश: हवा हवाई,ये फिल्म है ज़रा हटके,गज फुट इंच का मंचन हुआ। अरूण काटे निर्देशित तीनों ही नाटकों ने शहर के रंगकर्म को एक नई दिशा दी। नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने का काम किया। नाट्य उत्सव संस्कृति संचानालय,भोपाल और एसोसिएशन ऑफ ग्वालियर यूथ सोसायटी के सहयोग से आयोजित किया गया। सभी नाटक ‘मास्क मैजिक’ नाट्य समूह के बैनर तले तैयार किये गये थे। 
नाटक-गज फुट इंच

तीनों नाटकों में कॉमेडी के तीन रंग नज़र आए। नाटक ‘हवा हवाई’ में तीन एयरहोस्टेस के साथ एक ही हीरो के इश्क , ‘गज फुट इंच’ में सीधे-सादे नौजवान की ज़िदंगी में जन्मे प्रेम और नाटक ‘ये फिल्म है ज़रा हटके’ में घिसी-पिटी फिल्मी कहानियों का मनोरंजक ड्रामा था। हवा हवाई और गज फुट इंच का लेखन एस गुलाटी और केपी सक्सेना ने किया है। जबकि स्व.हरिशंकर परसाई के व्यंग्य पर आधारित म्युज़िकल कॉमेडी प्ले- ‘ये फिल्म है जरा हटके’ का लेखन शकील अख़्तर ने अरूण काटे के साथ किया है। यह पहला मौका था जब ग्वालियर में किसी नाटक को फिल्मी किरदारों के अनुरूप बेहद बोल्ड अंदाज़ में पेश किया गया। नाटक की खूबी गीत- संगीत रहा। इसमें कलाकारों ने अच्छा अभिनय किया। नाटकों के सभी गीत शकील अख़्तर ने लिखे हैं। संगीत आमोद भट्ट का है।नाटक की वेशभूषा भी आकर्षक रही।

नाटक- ये फिल्म है ज़रा हटके का एक दृश्य

तीनों ही नाटकों में विजय मोडक, अरूण काटे जैसे अनुभवी रंगमंच कलाकारों को छोड़कर ज़्यादातर युवा कलाकारों ने सराहनीय काम किया। नाटक ना सिर्फ अभिनय की दृष्टि से बल्कि मंच व्यवस्था,प्रकाश और संगीत के स्तर पर भी मंचन के अनकुल थे। नाटकों में खुद निर्देशक अरूण ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई। नाट्य प्रस्तुतियों में जान फूंक दी।

नाटक-हवा हवाई

नाटकों में अभिनेताओं ने ही नहीं अभिनेत्रियों ने भी कमाल का काम किया। पूजा सोनी,ऋतुराज चव्हाण,संघमित्रा कौशिक,हृदय खत्री,आशीष मिश्रा,प्रतीक विचारे,शिवांशी नामदेव,साधना कुशवाह,अशोक सेंगर,रागिनी काटे,अमितेष शर्मा और सत्यवीर सिंह जैसे कलाकारों ने अपनी भूमिकाओं को मंच पर बेहद कुशलता से अभिनीत किया। तीनों ही नाटकों को तीन महीने के अभ्यास के दौरान 30 से ज़्यादा कलाकारों ने तैयार किया था। ख़ास बात ये भी है कि नाटक गज,फुट,इंच का उत्सव में 90वां और ये फिल्म है ज़रा हटके का नौवां शो था।

नाट्य उत्सव के अंतिम दिन नाटकों में भाग लेने वाले कलाकारों को आयोजको की तरफ से प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किये गये। नाटक ‘ये फिल्म है ज़रा हटके’ के प्रदर्शन को देखने के लिये सीनियर टीवी जर्नलिस्ट और लेखक शकील अख़्तर भी दिल्ली से पहुंचे। उन्होंने न्यूज़ पोर्टल  ‘कर्मवीर’ के संपादक और मास्क मैजिक के संरक्षक डॉ. राकेश पाठक और एसोसिएशन ऑफ ग्वालियर यूथ सोसायटी के अध्यक्ष संजय कट्ठल के साथ कलाकारों का हौसला बढ़ाया। ग्वालियर में इस उत्सव के आयोजन की प्रशंसा की। शहर के रंगकर्म में योगदान के लिये अरूण काटे की सराहना की।

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