‘आओ चले सपनों की दुनिया में ,कोई ना हो वहां बस हम तुम हों ‘ जोश से भरे इस गीत के साथ ही राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, दिल्ली में नाटक- ‘ब्लू व्हेल’ का मंचन किया गया। नाटक में 23 कलाकार बच्चों ने हिस्सा लिया और दर्शकों को ऑन लाइन गेमिंग के खतरों से आगाह किया। नाटक में 8 से 14 साल की उम्र के स्कूली बच्चों ने अभिनय किया। दिल्ली और एनसीआर के ये बच्चे एनएसडी के ‘चिल्ड्रन थियेटर वर्कशॉप’ में 3 महीने से रंगकर्म का ककहरा सीख रहे थे।

एनएसडी के ‘अभिमंच थियेटर’ पर अपनी ऊर्जामय परफॉरमेंस से बच्चों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। थिएटर वर्कशॉप के सर्टिफिकेट लेते वक्त वे और भी चहकते,दमकते दिखे। उनके पहले प्रदर्शन में प्रमुख अतिथि के रूप में देश की एकमात्र महिला दास्तानगो फौज़िया और मध्यप्रदेश के सुपरिचित लेखक,कवि अपूर्व शिन्दे शामिल हुए। दोनों बच्चों के प्रदर्शन की प्रशंसा की। अपनी प्रतिक्रिया में कहा, ऑन लाइन गेम्स के बढ़ते खतरों के मद्देनज़र यह एक ऐसा नाटक है जिसका हर स्कूल में मंचन किया जाना चाहिये। नाटक में एनएसडी के रजिस्ट्रार प्रदीप के. मोहन्ती, वरिष्ठ निर्देशक अखिलेश खन्ना, वेबपोर्टल हमरंग.कॉम के एडिटर और कहानीकार हनीफ़ मदार, दिल्ली के वरिष्ठ रंगकर्मी और दास्तानगोई के 100 से ज़्यादा शोज़ करने वाले मनोज सिकंदर धींगड़ा, लेखक और साइबर क्राइम एक्सपर्ट विवेक अग्रवाल और सीनियर जर्नलिस्ट,लेखक पं.मुस्तफ़ा आरिफ ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज की। अभिमंच पर खेले गये इस नाटक को देखने दिल्ली रंगमंच के कलाकारों के साथ ही कई स्कूलों के बच्चे भी पहुंचे।

नाटक का निर्देशन चिल्ड्रन थिएटर के लिये करीब 30 सालों से समर्पित काम कर रहे उज्जैन के हफीज़ ख़ान ने किया। कोरियोग्राफी उज्जैन के ही कैलाश चौहान और सह निर्देशन सुनील शर्मा का था। नाटक का लेखन सीनियर जर्नलिस्ट शकील अख़्तर ने किया। उन्होंने बच्चों की समझ, राय और अनुभवों के आधार पर इस नाटक की रचना की। संगीत भूपेंद्र देवकोटा ( एसडी ) था।

निर्देशक टीम ने नाटक को बेहद दिलचस्प तरीके से मंच पर पेश किया। मंच सज्जा कलीम जाफर और कमल कुमार ने की। ध्वनि और प्रकाश का संयोजन राघव प्रकाश मिश्रा और नितिन कुमार ने किया । नाटक में मुख्य भूमिकाएं अहाना चंदेल, सिद्धांत शर्मा, अनुपम गुप्ता, रूद्र प्रताप, एतव्या ने अदा की। जबकि दक्ष आज़ाद,इशिका पांडे,नरेन दत्ता,पूजा रजक,प्रियांशा आज़ाद, कृष सैनी, सिमर सग्गु,मुखी चक्रवर्ती,गार्गी सैनी,चहक राना,ऐशना त्रिवेदी,आरूषि सचान,छवि शर्मा,शगुन सिंह,आयुष कुमार,प्रथम खन्ना,आयुष्मान झा,अद्विक तनेजा और सोह्म गोयल ने भी सराहनीय काम किया। (रिपोर्ट: इंदु गर्ग/ चित्र: दीपक कुमार,मोनिका डॉवर )

