इंदौर स्टूडियो, कला प्रतिनिधि। ‘दिल्ली इंटरनेशनल आर्ट्स फेस्टिवल: व्हेयर भारत मीट्स इंडिया’ (Delhi International Arts Festival 2022) 16 दिसंबर से कर्तव्य पथ, इंडिया गेट लॉन, सेंट्रल विस्टा में जारी है। उत्सव का समापन समारोह शुक्रवार 30 दिसंबर की शाम छह बजे होगा। इससे पूर्व 27,28 और 29 दिसंबर को भारत के 250 से अधिक डांसर अपने नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। इसी क्रम में 28 और 29 दिसंबर को वीरांगनाओं पर आधारित विशिष्ट नृत्य कार्यक्रम होंगे। इस कार्यक्रम की संकल्पना फेस्टिवल की संस्थापक निदेशक पद्मश्री प्रतिभा प्रह्लाद ने की है। फेस्टिवल का यह आज़ादी का अमृत महोत्सव संस्करण है।
ख्यात कलाकारों की प्रस्तुतियों की श्रंखला: दिल्ली इंटरनेशनल आर्ट्स फेस्टिवल 2022: व्हेयर भारत मीट्स इंडिया में पूरे भारत के प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियों की एक रोमांचक श्रृंखला शामिल है। इसमें संगीत, नृत्य, रंगमंच, कठपुतली, कविता, साहित्य, दृश्य कला, फिल्म और प्रदर्शनियों की सभी विधाएं शामिल हैं। पारंपरिक से लेकर समकालीन अभिव्यक्ति तक, कला के सभी रूपों से यहाँ दर्शक रूबरू हो सकेंगे।
संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से महोत्सव: यह आयोजन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय सहयोग से हो रहा है। महोत्सव में फिल्म प्रदर्शन के अलावा विभिन्न क्रार्यक्रम इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र, इण्डिया हैबिटेट सेंटर एवं अन्य स्थानों पर आयोजित किये जायेंगे। फेस्टिवल की जानकारी महोत्सव की संस्थापक निदेशक पद्मश्री प्रतिभा प्रह्लाद, एफएबीबी के पूर्व राजदूत और ट्रस्टी सुरेश गोयल और फिल्म विशेषज्ञ श्रीमती अरुणा वासुदेव ने एक पत्रकार वार्ता में दी।
आजादी के अमृत महोत्सव पर आयोजन : महोत्सव की संस्थापक निदेशक, प्रसिद्ध नृत्यांगना पद्मश्री प्रतिभा प्रह्लाद ने कहा,”यह वर्ष कई मायनों में खास है। यह हमारे प्यारे देश की औपनिवेशिक शासन से आजादी का 75वां वर्ष है।आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर भारत जी 20 की अध्यक्षता कर रहा है और हम सभी कोरोना वायरस लॉकडाउन के अंधेरे से बाहर निकलकर भारत में एक नई ताकत, नई रोशनी, नई दिशा की ओर आ रहे हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण है और हम सबका कर्तव्य है कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपने देश को मजबूत और सुरक्षित बनाने में योगदान दें।
“स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को सलाम:पद्मश्री प्रतिभा प्रह्लाद ने बताया कि थीम को ध्यान में रखते हुए हम उन योद्धाओं को सलाम करते हैं जो आजादी की जंग लड़ी। इसके साथ ही हम ‘महिला सशक्तिकरण’,’हमारी पवित्र नदियों की सफाई’, देश को ‘स्वच्छ और बीमारी मुक्त’ रखने, ‘पारिस्थितिकी और पर्यावरण’ के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता और ‘प्रकृति के साथ सद्भाव’ में रहने का प्रयास और वसुधैव कुटुम्बकम को दिल्ली इंटरनेशनल आर्ट्स फेस्टिवल के माध्यम सेलिब्रेट कर रहे हैं।”
दिल्ली इंटरनेशनल आर्ट्स फेस्टिवल जारी, 30 दिसंबर को समापन
RELATED ARTICLES

