इंदौर स्टुडियो। सीधी में 15 नवम्बर से जारी राष्ट्रीय नाट्य कार्यशाला के प्रथम चरण के समापन पर युवा रंगकर्मी शिवनारायण कुंदेर द्वारा निर्देशित नाटक ‘पागल’ का मंचन किया गया। यह मंचन अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के मौके पर ‘बैजनाथ सभागार’ में हुआ। अभिनय और संगीत नाटक की विशेषता रही। इस वजह से नाटक की प्रस्तुति बेहद प्रभावशाली बन सकी।
नाटक में जहाँ एक तरफ संस्था के मैनेजर का खोखला मैनेजमेंट दिखता है, वहीं दूसरी ओर कभी दिव्यांग युवक-युवती के प्रेम के बीच उनकी दर्द भरी कहानी दर्शकों को भावुक कर देती है। नाटक यहीं समाप्त नहीं होता बल्कि दिव्यांगों के भोजन और कपड़ों के हिस्से को डकार जाने वाले संस्था के संस्थापक जब दिव्यांग लड़कियों की आबरू के साथ खिलवाड़ करता है, तब दिव्यांगों में भी संगठन की भावना पनपने लगती है जो उनके अंदर आत्मविश्वास जगाने का काम करती है और यहाँ तक कि वह सब मिलकर संस्थापक को दण्डित भी करते हैं।
नाटक में प्रतिष्ठा शबल,केतकी मुसले,अभिनय कुमार गौतम, मनीष पटेल,प्रभुराज यादव,मनोज कुमार,नयूम,अमित कुशवाहा, धनञ्जय कुशवाहा, अमन रॉय ने मनभावन अभिनय किया। प्रकाश परिकल्पना प्रजीत साकेत की थी।
कार्यक्रम की शुरुआत में संस्था के निदेशक नीरज कुंदेर ने सभी अतिथियों स्वागत किया, साथ ही कार्यक्रम की संक्षिप्त रुपरेखा रखी। तदुपरांत मुख्य अतिथि डॉ. अनूप मिश्र, अध्यक्ष डॉ.शिवशंकर मिश्र, विशिष्ट अतिथि नीलकंठ मरकाम व शिवांगी मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत किया।अन्त में युवा रंग निर्देशक एवं नाटककार रोशनी प्रसाद मिश्र ने सभी अतिथियों, दर्शकों एवं कलाकारों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बाबूलाल कुंदेर, रामनरेश सिंह चौहान, श्रवण मिश्र, सुनील भुर्तियां,सुनील चौधरी, रविकर सिंह, निखिल मिश्र, उपेन्द्र सिंह, प्रहलाद मिश्र, विकास मिश्र, अर्पित पाण्डेय सहित कई प्रबुद्ध नागरिक मौजूद थे।

