Wednesday, May 13, 2026
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IFFI2022: एक फिल्म, जिसने एडिटिंग टेबल पर आकार लिया

IFFI 53rd 2022: इंदौर स्टूडियो, विशेष प्रतिनिधि। इफ्फी-53 में ‘दि शो मस्ट गो ऑन’ के साथ भारतीय पैनोरमा गैर-फीचर श्रेणी की शुरुआत हुई। यह एक डाक्युमेंट्री फ़िल्म है। मगर आप यह जानकर हैरान रह जायेंगे कि यह एक ऐसी फ़िल्म है जिसने एडिटिंग टेबल पर आकार लिया। फिल्म की निर्माता और निर्देशक दिव्या कोवासजी और उनके भाई जाल कोवासजी हैं। जाल कोवासजी एक माहिर सिनेमेटोग्राफ़र हैं। पारसी रंगमंच में गहरी रूचि: दिव्या कोवासजी ने अपनी फ़िल्म के बारे में कहा, हमारी पारसी रंगमंच में गहरी रूचि रही है। इसी वजह से उन्होंने बहुत से पारसी थियेटर के कलाकारों के इंटरव्यू लिये थे। इस तरह से इंटरव्यू का मेरे पास करीब सौ घंटे का फुटेज था। हालांकि मैं ये नहीं जानती थी कि इनका करना क्या है। मैं इन्हें अपने स्टोरेज में रखकर भूल गई थी। फिर अचानक मुझे अपनी पहली फ़िल्म के दौरान लिये गये कुछ फुटेज मिले। इसमें एक कपल एक नाटक के  बारे में अपने अनुभव के बारे में बता रहा होता है जिसमें मंच पर पत्नी की मौत हो जाती है और वह मंच पर बिल्कुल अकेला रह जाता है। वह पल मेरे दिल को छू लेने वाला था। तब उन्होंने अपने भाई जाल से साथ बात की।
जाल कहते हैं, ‘एडिटिंग शुरू करने से पहले, मैंने तीन महीने तक सभी फुटेज को अलग-अलग विषयों के आधार पर 25-30 अलग-अलग टाइमलाइन में बांटकर रख लिया। तब तक हम महसूस कर चुके थे कि हमारे पास जो फुटेज है वह बहुत ही ख़ास है। इस तरह से हमारी फिल्म ने धीरे-धीरे आकार लिया।’गैर फीचर श्रेणी की पहली फिल्म: जाल इस वृत्तचित्र के संपादक, सह-निर्माता और सह-निर्देशक भी हैं। ‘दि शो मस्ट गो ऑन’ 53वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI2022) के भारतीय पैनोरमा में गैर फीचर श्रेणी में पहली फिल्म थी। पारसी थियेटर के बारे में बोलते हुए दिव्या कोवासजी ने कहा, ‘एक समय, पारसी थियेटर मुंबई में बेहद लोकप्रिय हुआ करता था। उन दिनों में रविवार की सुबह मुंबई आने वाली ‘थियेटर एक्सप्रेस’ कही जाने वाली एक ट्रेन गुजराती भाषी दर्शकों से भरी होती थी। यह समुदाय खुद काफी जिंदादिल है,वे बिना किसी रोकटोक के जिंदगी का आनंद लेते हैं, उनकी बातें सुनकर आप अपनी चिंताओं को भूलकर हँसने पर मजबूर हो जायेंगे दिव्या कोवासजी एक फोटोग्राफर हैं और एक पुरस्कार विजेता वृत्तचित्र फिल्म निर्माता हैं। उन्होंने ‘किस्सा-ए-पारसी’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार (2015) जीता था। उनकी फिल्में कई अंतरराष्ट्रीय समारोह में प्रदर्शित हो चुकी हैं। दि शो मस्ट गो ऑन का वर्ल्ड प्रीमियर फिल्म साउथ एशिया 2022 में नेपाल में हुआ था। नाटक के मंचन से पहले अभिनय की तस्वीरों के साथ, यह वृत्तचित्र आखिरी बार मंच पर लौटने की कहानी है। इस रिहर्सल की रचनात्मक उथल-पुथल उनके रिश्तों, विशिष्ट संवेदनाओं और अद्वितीय हास्य का चित्रण प्रस्तुत करती है। लेकिन फाइनल शो की पूर्व संध्या पर कलाकारों के साथ एक बड़ी त्रासदी हो जाती है। कहानी यही बताती है कि ट्रैजिडी के बावजूद कैसे शो चलता रहता है। (इनपुट पीआईबी)

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