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कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। सीधी के हस्तिनापुर लोक कला ग्राम में 18 दिवसीय फगुआ जोहार “होली मिलन” समारोह का शुभारंभ हुआ। सुप्रसिद्ध फाग गायन संस्कीरत मिश्र, मनिराज कौल ने धूप जलाकर और श्रीफल चढ़ाकर महोत्सव का आगाज किया। इस अवसर पर इन्द्रवती नाट्य समिति के निदेशक नीरज कुंदेर और रोशनी प्रसाद मिश्र भी मौजूद थे। नीरज कुंदेर के अनुसार, आयोजन का उद्देश्य अपनी लोक परम्परा को पुनर्जीवन प्रदान करना है। रोशनी प्रसाद मिश्र ने कहा कि हमारी लोक संस्कृति विलुप्त होती हो रही है।
गणेश वंदना से हुआ शुभारंभ: प्रारंभ में फाग “जेहिं सुमिरत सिद्धि होई हो गणना” गाकर बुद्धि के देवता गणेश जी की वंदना की गई। हस्तिनापुर के बाद बम्हनी में दुर्गा स्कूल के पास, देवगढ़ में चंदिनी माता मंदिर परिसर, सेमरिया हनुमान मंदिर और पोंड़ी शिव मंदिर में फाग गायन का आयोजन किया गया। चारों लोक कला ग्रामों का संयोजन मनिराज कौल, संजय कुमार पाण्डेय, मनोज कुमार तिवारी और एमान पाण्डेय ने किया।
गुलाल को लगाकर मिले गले: कार्यक्रम में ग्रामीण एक-दूसरे को गुलाल लगाकर आपस में गले मिले। आयोजन में वरिष्ठ अधिवक्ता और समाजसेवी उमेश तिवारी विश्वामित्र द्विवेदी, सत्येंद्र पाण्डेय, भैयालाल विश्वकर्मा, संजय पाण्डेय, संजीव पाण्डेय, संजीव यादव, राज किशोर विश्वकर्मा, राजरूप कौल, रविशंकर परौहा, अशोक तिवारी, रामप्रसाद शुक्ला, राजेंद्र शुक्ला, वंशराखन कुशवाहा रामाश्रय तिवारी, रामनरेश कुशवाहा, वंश गोपाल आदि सम्मिलित हुए। अंत में प्रजीत साकेत ने कलाकारों, अतिथियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया।
लोक परम्परा का संरक्षण कर्तव्य : आपको बता दें इस साल फगुआ जोहार “फाग महोत्सव” का आयोजन विभिन्न 69 लोक कला ग्रामों में किया जा रहा है। यह महोत्सव अनवरत 18 दिनों तक चलेगा। इस महोत्सव में लगभग 1100 लोक कलाकार शामिल होंगे। इसी तरह कार्यक्रमों के माध्यम से 15 हज़ार से ज्यादा दर्शकों को परंपरा से जोड़ने की योजना है।

