कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। कोलंबिया के बोगोटा अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले (FILBo) में ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में भारत ने अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज कराई है। 21 अप्रैल को कोलंबिया की संस्कृति मंत्री सुश्री यानाई कदामानी फोनरोडोना और भारत के राजदूत महामहिम वनलालहुमा ने संयुक्त रूप से ‘भारत पवेलियन’ का उद्घाटन किया।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) के सहयोग से तैयार किया गया यह पवेलियन भारतीय साहित्य, संस्कृति और समकालीन विकास का एक अनूठा संगम है। उद्घाटन समारोह में ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति और स्पेनिश भाषा में अनूदित दस भारतीय पुस्तकों का विमोचन प्रमुख आकर्षण रहा।
सांस्कृतिक और वास्तुकला का अद्भुत संगम: 3,000 वर्ग मीटर में फैला यह पवेलियन भारत की ऐतिहासिक वास्तुकला से प्रेरित है। इसके केंद्र में पश्चिम बंगाल की ‘कालीघाट कला’ शैली में बना एक अनोखा मास्कोट है। इसके अलावा, राजस्थान के आमेर किले और हम्पी बाज़ार की तर्ज पर साहित्यिक और व्यावसायिक (B2B) ज़ोन बनाए गए हैं, जो दर्शकों को भारत की विविधता का सीधा अनुभव कराते हैं।
FILBo की थीम ‘मौन’ और भारत: इस वर्ष मेले की थीम “एक-दूसरे को सुनना ही एक-दूसरे को पढ़ना है” (मौन और शांति) है। इसी थीम पर भारत पवेलियन में सात विशेष प्रदर्शनियां लगाई गई हैं। इनमें प्राचीन महिला विचारकों (थेरीगाथा से सावित्रीबाई फुले तक), महात्मा गांधी, आधुनिक साहित्यकारों और ‘उभरते भारत’ (चंद्रयान-3 व अंतरिक्ष उपलब्धियों) की शानदार झलक पेश की गई है।
विशाल प्रतिनिधिमंडल और विविध आयोजन: NBT के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे के नेतृत्व में 50 सदस्यीय भारतीय दल इसमें हिस्सा ले रहा है। मेले के दौरान 100 से अधिक साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिनमें अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला सहित 75 से अधिक भारतीय और कोलंबियाई लेखक व कलाकार भाग ले रहे हैं।
अनुवाद प्रोजेक्ट और सिनेमा: भारतीय कहानियों को लैटिन-अमेरिकी पाठकों तक पहुंचाने के लिए 50 से अधिक भारतीय बाल पुस्तकों का अंग्रेज़ी से स्पेनिश में अनुवाद कर विमोचन किया जा रहा है। साथ ही बाहुबली, दंगल और क्वीन जैसी प्रसिद्ध भारतीय फिल्मों व डॉक्यूमेंट्रीज़ की स्क्रीनिंग भी आयोजित की जा रही है।
AI कियोस्क और किड्स ज़ोन: लगभग 3,000 पुस्तकों की प्रदर्शनी के साथ-साथ पवेलियन में बच्चों के लिए ‘इंडिया क्वेस्ट’ प्रश्नोत्तरी और AI-सक्षम कियोस्क बनाए गए हैं, जहाँ लोग भारतीय परिधानों में अपनी तस्वीरें खिंचवा सकते हैं। दर्शकों के लिए भारत के पारंपरिक लोक व शास्त्रीय नृत्य (भरतनाट्यम, कथक) और भारतीय व्यंजनों का स्वाद भी उपलब्ध है। “पढ़ें और जानें भारत” के नारे के साथ यह पवेलियन न केवल पुस्तकों का आदान-प्रदान है, बल्कि दोनों देशों के बीच एक साझा सांस्कृतिक क्षितिज के निर्माण का प्रतीक बन गया है। आगे पढ़िये – चंडीगढ़ में ‘कलानिधि’ की प्रदर्शनी का आगाज़ –https://indorestudio.com/kala-nidhi-2nd-national-annual-art-exhibition-chandigarh-report/
बोगोटा (FILBo) बुक फेयर: पवेलियन में दिखा साहित्य-संस्कृति का ‘मिनी भारत’
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