नीरज कुंदेर, इंदौर स्टूडियो। सीधी सिनेमा क्लब में बाल फ़िल्मों के मार्फत बच्चों को सीख दी जा रही है जहां हर रविवार बाल फिल्म दिखाई जाती है जो मनोरंजन के साथ साथ बच्चों को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती हैं। इसी श्रंखला में बीते रविवार नागेश कुकुनूर निर्देशित फिल्म ‘धनक’ दिखाई गई।
परी और छोटू की कहानी: यह फ़िल्म एक भाई-बहन की कहानी है। बहन का नाम परी और भाई का नाम है छोटू। दोनों के मां-बाप इस दुनिया से अलविदा हो जाते हैं जिसके कारण बचपन से ही अनाथ हो जाते हैं । चाचा चाची के साथ रहने के लिए मजबूर हो जाते हैं। चाचा दिल से अच्छा इंसान ज़रूर है मगर वह हुक्का पीने का आदी है। इस नशे के लिये वह अपना सारा पैसा उड़ा देता है। चाची बेहद गुस्से वाली है जो छोटू को मार-मारकर अंधा कर देती है जिससे विद्यालय जाने में भी उसे दिक्कत होती है इसलिए बहन परी जान बूझकर दो साल फेल हो जाती है कि ताकि छोटू की कक्षा में हो जाए तो विद्यालय जाने के लिए साथ रहेगा पर चाची परी की पढ़ाई छुड़ा देती है।
छोटू के ऑपरेशन की चिंता: उधर चाचा छोटू के ऑपरेशन का झूठा आश्वासन देता रहता है और जब इस बात की खबर परी को होती है तो वह छोटू को लेकर जैसलमेर चल देती है जहां शाहरूख़ खान की शूटिंग चल रही होती है। उसे भरोसा है कि वह उसके भाई की ऑपरेशन के लिए मदद करेगा लेकिन इतनी दूरी पैदल चलकर जाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन था। मगर कई भले मानुष मदद करते हैं, अंत में उसका ऑपरेशन होता है और वह इस दुनिया को फिर देख पाने में सफल हो जाता है। परी शाहरुख की फैन है तो वहीं छोटू सलमान का। मजे की बात यह है कि इस फिल्म के निर्माता भी नागेश कुकुनूर ही रहते हैं जिन्होंने अपनी बाकी फ़िल्मों की तरह इसे भी फिल्माया है, कहानी एकदम दिल को छू जाने वाली लेकिन फिल्माने में सहजता है।
प्रदर्शन के बाद हुए सवाल-जवाब: फिल्म देखने के बाद रोशनी प्रसाद मिश्र और सूर्य प्रकाश सिंह ने बच्चों से सवाल जवाब किया। रोशनी प्रसाद मिश्र ने कहा कि अगर दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो व्यक्ति का हर संकल्प पूरा कर सकते हैं। आयोजन मंडल में इन्द्रवती नाट्य समिति, UCN MAS पब्लिक स्कूल, ट्रांसफ्रेम और आर्ट ऑन क्लिक शामिल हैं। विद्यालय के बच्चों के साथ साथ शिक्षकों ने भी फिल्म का आनंद लिया।

