(अजित राय की विशेष रिपोर्ट)
इंदौर स्टुडियो। इस समय विश्व सिनेमा जगत में फिनलैंड के दो फिल्मकारों की खूब चर्चा हो रही है। जुहो कुओसमानेन की नई फिल्म ‘ कंपार्टमेंट नंबर 6 ‘ (Compartment No. 6 ) इस साल कान फिल्म फेस्टिवल में दूसरे सबसे महत्वपूर्ण पुरस्कार ‘ द ग्रैंड प्रिक्स ‘ जीतने के बाद ऑस्कर अवार्ड के लिए फिनलैंड की ओर से भेजी गई है। दूसरी ओर टीमु निक्की की फिल्म ‘ द ब्लाइंड मैन हू डिड नॉट वांट टु सी टाइटेनिक ‘ (The Blind Man Who Did Not Want to See Titanic ) इस साल वेनिस अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट फिल्म का आडिएंस अवार्ड और मिस्र के पांचवें अल गूना फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का ‘गोल्डन स्टार अवार्ड’ जीत चुकी है। इसी फिल्म में एक अंधे और पैरों से लाचार व्यक्ति की यादगार भूमिका के लिए पेट्री पोइकोलाइनेन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भी मिल चुका है।
एक अंधे और विकलांग की ऑनलाइन प्रेम कहानी :
टीमु निक्की की फिल्म ‘ द ब्लाइंड मैन हू डिड नॉट वांट टु सी टाइटेनिक’ का अंधा और पैरों से विकलांग नायक जाको फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी से बहुत दूर दूसरे शहर में रहने वाली सिरपा नामक एक ऐसी औरत से ऑनलाइन प्रेम करने लगता है जिससे वह कभी नहीं मिला। सिरपा विश्व सिनेमा की दीवानी है और उसे भी एक असाध्य बीमारी है। एक अपार्टमेंट में अंधेपन और चलने-फिरने में लाचारी के कारण कैदी की तरह रहने वाले जाको की दिनचर्या को जिस खूबसूरती से कैमरा वास्तविक अंदाज में दिखाता है, वह चकित करनेवाला है। अंधेपन और विकलांगता के बावजूद जाको की दिनचर्या उदास और रसहीन नहीं है। वह पूरी तरह आत्मनिर्भर है और जीवनी शक्ति से भरा हुआ है। स्मार्टफोन ही जाको की जीवन रेखा है। इस भूमिका के लिए टीमु निक्की ने जिस अभिनेता को चुना है, वह, पेट्री पोइकोलाइनेन, सचमुच में अंधा और मल्टीपल स्क्लेरोसिस की बीमारी से पीड़ित हैं। उसे विश्व की महान फिल्मों के संग्रह का शौक है जिसे अंधे होने से पहले वह बार-बार देखना पसंद करता था। अपनी ऑनलाइन प्रेमिका सिरपा से वह जेम्स कैमरून की फिल्म ‘ टाइटैनिक ‘ की बात करता है। यह सिरपा की सबसे पसंदीदा फिल्म है। जब वह पूछती है कि क्या उसने यह फिल्म देखी है तो जाको कहता है कि अंधा आदमी टाइटैनिक नहीं देख सकता। फोन पर एक मार्मिक संवाद है जिसमें सिरपा वीडियो कॉल करने को कहती हैं तो जाको कहता है कि वह देख नही सकता, केवल सुन सकता है। एक संवाद में वह सिरपा से कहता है कि यदि वह उसे अपनी बांहों में भर ले तो दोनों आसमान में उड़ सकते हैं। सुबह-सुबह स्पोर्ट्स शू पहने पैरों के दौड़ने का दृश्य बार-बार आता है। फिल्म में कई दृश्य और संवाद अविस्मरणीय है जो विश्व सिनेमा में इधर देखने-सुनने को नहीं मिले।
सिरपा से मिलने जाते समय जाको हो जाता है अपहरण :
एक दिन जाको सिरपा से मिलने निकल पड़ता है। सिरपा के लिए उसकी जेब में ‘टाइटैनिक’ की डीवीडी है। ह्वील चेयर पर लोगों की सहायता से घर से टैक्सी में रेलवे स्टेशन और ट्रेन से सिरपा के शहर की जोखिम भरी यात्रा में एक बदमाश उसका अपहरण कर लेता है। एक गैराज में बंद कर उसे पीटा जाता है कि वह अपने क्रेडिट कार्ड का पिन कोड बता दे। वह पिन कोड बता भी देता है । एक लूटेरा एटीएम से पैसा निकालने जाता है। वह जाको के क्रेडिट कार्ड से एक बार में केवल दो सौ यूरो ही निकाल सकता है और एक बार इस्तेमाल के बाद पिन कोड बदल जाता है और दोबारा पैसा नहीं निकाला जा सकता। ऐसी प्रोग्रामिंग अंधे जाको की सुरक्षा के लिए की गई है। वे उसे मार डालना चाहते हैं। वह मरने से नहीं डरता। वह हत्यारे से कहता है कि ‘ प्लीज़ उस इंसान की थोड़ी सी तो इज्जत करो जो किसी के प्रेम में है।
“कंपार्टमेंट नंबर 6, ट्रेन में हैरतअंगेज़ सफ़र का अनुभव :
जुहो कुओसमानेन की फिल्म ‘ कंपार्टमेंट नंबर 6’ की नायिका लौरा फिनलैंड से रूसी साहित्य पढ़ने मास्को आती है और एक पुरातत्ववेत्ता इरीना के रहस्यमय संसार में खो जाती है। वह रूस के उत्तर- पश्चिमी आर्कटिक इलाके के अंतिम शहर मरमंस्क में हाल ही में खोजे गए प्राचीन पेट्रोग्लिफ्स देखने निकल पड़ती है। इस लंबी ट्रेन यात्रा में उसे एक बिगड़ैल सनकी पियक्कड़ किस्म के नौजवान लियोहा के साथ 6 नंबर का कूपा साझा करना पड़ता है। लियोहा भी खदानों में काम करने उसी शहर जा रहा है। पहले तो वह उसे नापसंद करती है लेकिन धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे को जानने समझने की कोशिश करते हैं। यह ट्रेन यात्रा रूस के कई शहरों से गुजरते हुए कई हैरतअंगेज अनुभवों को भी साथ ले चलती है। बारिश, तूफान, धुंध और कोहरे से लिपटे परिवेश में दौड़ती ट्रेन के कूपे में दो अजनबीयों की गतिविधियां काफी रोमांचक है। फिल्म के दोनों कलाकारों – सेइदी हारला और यूरीय बोरिसोव – का अभिनय बेमिसाल है । यूरीव बोरिसोव तो रूस के नए सुपर स्टार होकर उभरे हैं।
स्त्री-पुरूष रिश्तों की खिलंदड़ी खोज :
मरमंस्क पहुंच कर लौरा पाती है कि लियोहा गायब है। खराब मौसम के कारण कोई भी उसे उस दुर्गम इलाकों में ले जाने को राजी नहीं होता जहां खुदाई में पुराने पेट्रोग्लिफ्स मिले हैं। निराशा से भरी हुई एक रात में लौरा के होटल में लियोहा आता है और वे दोनों पेट्रोग्लिफ्स देखने निकल पड़ते हैं। ये दोनों यात्राएं बेमिसाल है जहां न सिर्फ प्रकृति और मनुष्य की अठखेलियां है वल्कि स्त्री-पुरुष के इंसानी रिश्तों की भी खिलंदड़ी खोज है। किसी रोड मूवी की तरह यह फिल्म कई यादगार प्रसंगों, दृश्यों, संवादों और घटनाओं से लबरेज है। ट्रेन में लियोहा लौरा से पूछता है कि फिनिश भाषा में किसी लड़की से आई लव यू कैसे कहते हैं। वह बताती है – हैसके वित्तू। आर्कटिक इलाके से लौटते हुए लियोहा शहर की सीमा पर फिर गायब हो जाता है। उसका साथी लौरा को एक कागज देता है और कहता है कि लियोहा ने दिया है। उस कागज के टुकड़े पर लिखा है – हैसके वित्तू ( मैं तुमसे प्यार करता हूं)।
(लेखक फिल्म और कला के चर्चित लेखक-समीक्षक हैं।)
#विश्व_सिनेमा #अजित_राय #फिनलैंड_का_सिनेमा #कान_फ़िल्म_फेस्टिवल #फिल्म_चर्चा #Compartment No. 6 #The Blind Man Who Did Not Want to See Titanic

