इंदौर स्टूडियो। संगीत श्रोता मंच में इस बार अतिथि कलाकार के रूप में रसिका गावड़े ने ग़ज़ल और गीतों से समा बांधा। लग जा गले से लेकर चित्रा सिंह की ग़ज़ल पेश की। रसिका का सम्मान पंडित सुनील मसूरकर जी ने किया।
कार्यक्रम में प्रतिभावान कलाकार निहाली चौहान और आयुषी मकवाना का सम्मान भी किया गया।निहाली चौहान ने एक राधा एक मीरा और सत्यम शिवम सुंदरम द्वारा माहौल को जमाया। योगेश्वर कान्हेरे ने एक स्वरचित गीत पेश किया।मोइन खान ने तेरी आँखों की चाहत में,फिर वो ही शाम, कोई सागर दिल को बहलाता नही और फिर युगल गीत में रसिका के साथ ये दिल तुम बिन और पत्ता पत्ता बूटा-बूटा जैसी दिल को छूने वाली प्रस्तुतियां दीं।
रमेश गुरु ने मोहम्मद रफी के 2 गीत प्रस्तुत किया। जब भी ये दिल उदास होता है की सभी ने सराहना की। भरत जोशी ने मेलोडिका से ये तेरा ये मेरा घर,ये लड़का हाय अल्लाह जैसे गीतों से समा बांधा। रिपुदमन शर्मा जी और दीप हरियाणी द्वारा गीतों की प्रस्तुति दी गयी। श्रीनिवास पुजारी, हँसा अग्रवाल,मिलिन्द गुप्ते ,वीरेंद्र तांबे जी,प्रभाकर गावड़े जी भी मंच में मौजूद रहे। मंच की यह दूसरी सफल महफ़िल थी। अंत मे डॉ विवेक गावड़े ने सभी कलाकारों और साथियों के प्रति आभार जताया।

