Tuesday, June 16, 2026
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फ्रेश लाइम स्टूडियोज़, दिल्ली का श्रेष्ठ प्रॉडक्शन सेंटर: मेघदीप बोस

शकील अख़्तर,इंदौर स्टूडियो। ‘झूमे जो पठान’ और ‘बूंदा बांदी’ जैसे सुपरहिट गीतों को सुनने के साथ ही, मेघदीप बोस ने दिल्ली के नये ‘फ्रेश लाइम स्टूडियोज़’ (fresh lime studios) पर अपनी मुहर लगा दी है। बॉलीवुड के इस बेहतरीन म्यूज़िक प्रोड्यूसर, कंपोज़र और गायक ने न्यूमान संचालित इस अत्याधुनिक स्टूडियो में स्थापित उपकरणों और वातावरण की प्रशंसा की। उन्होंने दिल्ली में अपनी तरह के इस पहले स्टूडियो को ऑडियो-वीडियो प्रॉडक्शन्स के लिये श्रेष्ठ बताया। मेघदीप ने कहा – ‘ मैं चाहता हूँ, मैं खुद भी यहां आकर, दिल्ली के संगीत कलाकारों के साथ काम करूँ। बॉलीवुड के साथ ही दिल्ली में मेरी यह एक नई संगीत यात्रा भी होगी’। साउंड टेस्ट के लिये सुने गये जो गीत: दक्षिण दिल्ली के साकेत क्षेत्र में बने इस स्टूडियो की शुरूआत अनौपचारिक माहौल में हुई। इस अवसर को ख़ास बनाने के लिये प्रतिभाशाली संगीत और गायक कलाकार मेघदीप बोस को स्टूडियो में आमंत्रित किया गया था। उन्होंने स्टूडियो को देखते और यहां पर संगीत सुनते वक्त आवाज़, ध्वनि, अनुनाद और प्रतिगूंज जैसी कई तकनीकी बारीकियों का जायज़ा लिया। बहुत सी बातों को लेकर संस्थापक तनिष्क सेठ और उनकी टीम से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने ‘फ्रेश लाइम स्टूडियो’ (FLS) को एक सक्षम प्रॉडक्शन केंद्र करार दिया। साउंड क्वालिटी के आउटपुट के लिये परीक्षण: अनुभवी संगीत प्रोड्यूसर ने ‘फ्रेश लाइम स्टूडियोज़’ में जिन दो गीतों को सुना, उनकी भी ख़ास अहमियत है। असल में विशाल-शेखर के संगीतबद्ध ‘पठान’ के टाइटल सांग के अरेंजर और गिटारिस्ट मेघदीप बोस ही हैं। इसके अलावा वे ‘बूंदा बांदी’ गीत के कंपोज़र,अरेंजर और प्रोड्यूसर भी हैं। उन्होंने इन गीतों को स्टूडियो में सुनकर यह जानने की कोशिश की कि ध्वनि की गुणवत्ता में किसी तरह की कमी तो नहीं रह गई है? हम जानते ही हैं, मेघदीप बोस की बॉलीवुड के दर्जनों सुपरहिट गीतों के प्रॉडक्शन में विशिष्ट भूमिका रही है। वे अपने अन्वेषी संगीत को नये आयाम दे रहे हैं। उन्होंने डिवोशनल पॉप सांग्स की एक नई श्रंखला का सिलसिला शुरू किया है। डॉल्बी एटमॉस और न्यूमान ऑडियो से लैस: फ्रेश लाइम स्टूडियो न्यूमान द्वारा संचालित दिल्ली का पहला स्टूडियो है, जिसे डॉल्बी एटमॉस के लिए कैलिब्रेट किया गया है। इस स्डूडियो में कुल 5 कक्ष हैं। उनमें से चार छोटे-बड़े कक्षों के माध्यम से आवाज़ों और साज़ों को रिकॉर्ड किया जा सकता है। पूरे स्टूडियो में एक बार में 50 से अधिक कलाकारों को समायोजित करने की क्षमता है। संगीत प्रतिभाओं, पॉडकास्टरों, फिल्म निर्माताओं और कंटेट प्रोड्यूसर्स के लिए यहां का माहौल प्रेरक और ऊर्जा से भरा है। तनिष्क सेठ, स्टूडियो के परिकल्पनाकार: इस स्टूडियो के संस्थापक और परिकल्पनाकार तनिष्क सेठ हैं। उन्होंने बर्कली कॉलेज ऑफ म्यूजिक से मास्टर डिग्री हासिल की है। ज़ाहिर है कि संगीत संयोजन और संपादन को लेकर उनकी विश्व स्तरीय जानकारियां हैं। स्टूडियो में मेघदीप से बातचीत के दौरान उनकी तकनीकी जानकारियों से यह नज़र भी आया।  24 साल के तनिष्क खुद भी एक उभरते संगीतकार भी हैं। सात महीने पहले उन्होंने स्टूडियो के निर्माण के लिये अपने हाथों से पहली कील ठोकी थी। उसके बाद उन्होंने रात और दिन स्टूडियो को सर्वोत्तम बनाने के लिये खुद को झोंक दिया। सेन्हाइज़र, न्यूमान के प्रबंधक प्रमुखों का साथ: इस परिकल्पना को पूरा करने में उन्हें सेन्हाइज़र, न्यूमान के कंट्री हेड विपिन पुंगलिया और सेल्स हेड श्रृषिकेश पिंगले जैसे जानकारों का साथ मिला। इस तरह से इस स्टूडियो को सर्वोत्तम बनाने की उनकी यात्रा आगे बढ़ सकी। इस सफर में उन्होंने माइक से लेकर अत्याधुनिक एडिटिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम और अद्यतन उपकरणों के इंस्टालेशन की हर संभव कोशिशें जी जान से की।पिता के अमूल्य सहयोग से सपना हुआ साकार: तनिष्क के इस सपने को साकार करने में उनके पिता नीरज सेठ का अमूल्य योगदान रहा। उन्होंने अपने बेटे का कदम-कदम पर साथ दिया। श्री नीरज ने कहा – ‘मैंने जब यह महसूस किया कि तनिष्क अपने इस प्रोफेशन को लेकर पूरी तरह से समर्पित हैं, मैंने उनके इस जुनूं को पूरा करने में हर तरह से मदद की, खर्चों की भी परवाह नहीं की’। आपको बता दें कि नीरज सेठ नौकरी डॉट काम के बिज़नेस हेड हैं। वे आईआईटी, ख़ड़गपुर से उच्च शिक्षा प्राप्त हैं। वे नामी कंपनियों के मार्केटिंग हेड रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे ख़ुशी है कि मेघदीप जैसे म्यूज़िक प्रोड्यूसर स्टूडियो को देखने के लिये हमारे बीच आये और उन्होंने बेटे को प्रोत्साहित किया’। स्टूडियो में नये संगीत के सृजन का निमंत्रण: स्टूडियो में मेघदीप के निरीक्षण के दौरान तनिष्क ने कहा, ‘ये स्टूडियो आपका है, हमें ख़ुशी होगी कि अगर आप यहां आकर हमारे कामों को देखें, गाइड करें। इसके साथ ही अपने नये संगीत प्रॉडक्शन्स की शुरूआत करें’। उन्होंने कहा, ‘मैंने इस स्टूडियो को संगीत कलाकारों को केंद्र में रखकर बनाया है। मैंने इसका निर्माण सिर्फ प्रॉडक्शन के लिये नहीं बल्कि इसलिये भी किया है कि लोग यहां आपस में मिले-जुले। एक-दूसरे से रचनात्मक रूप से जुड़ें और बेहतर रचने की दिशा में आगे बढ़ें’।ये हैं फ्रेश लाइम स्टूडियो टीम के सहयोगी: संस्थापक तनिष्क सेठ के अलावा ‘फ्रेश लाइम स्टूडियो’ के प्रमुख सदस्यों के नाम हैं – आदित्य रावत (मुख्य अभियंता), मानसी शर्मा (बिजनेस हेड), जय यादव (शास्त्रीय संगीत कलाकार), शत्रुघ्न (सहायक)। विपिन पुंगलिया (कंट्री हेड – सेन्हाइज़र, न्यूमान) ऋषिकेश पिंगले (सेल्स हेड, न्यूमान), आयुष तिवारी (नॉर्थ सेल्स हेड, न्यूमान)। नीचे दी गई तस्वीर में मेघदीप बोस के साथ क्रियेटिव राइटर और सीनियर जर्नलिस्ट शकील अख़्तर। (Creative writer, journalist and author Shakeel Akhter is the founder editor of Indore Studio. He has been writing on art and artists for the last 35 years. His creative world also has a wide horizon. He has written 7 plays. Mumbai Mirror has published his poetry collection. Many songs have been composed. He has been associated with theatre and All India Radio. He has acted in short films, documentaries, and films. He has been an ex-senior editor of India TV.  Email: indorestudio@gmail.com/mshakeelakhter@gmail.com)
आगे पढ़िये – उपन्यास पर आधारित नाटक पाटलिपुत्र की सम्राज्ञी के प्रॉडक्शन पर निर्देशक भारती शर्मा से शकील अख़्तर की ख़ास बातचीत – https://indorestudio.com/patliputra-ki-samragyi/

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