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इंदौर की संगीत संस्था ‘स्वरदा’ हमेशा अनूठे संगीत कार्यक्रम पेश करती आई है।
इनमें बेमिसाल ख़य्याम साहब के साथ ही विलक्षण संगीतकार मदन मोहन भी शामिल हैं।
इस बार ‘स्वरदा’ ने हिंदी सिनेमा की मशहूर डांसर हेलेन को लेकर एक ख़ास प्रोग्राम पेश किया।
इसका नाम था- ‘द गॉर्जियस हेलन’।
प्रीतम लाल दुआ सभागार में यह बेहतरीन प्रोग्राम हुआ।
इसे सुनने वालों ने बेहद पसंद किया जमकर तालियां बजाईं।……;
……..गायिका सपना केकरे ने इस प्रोग्राम में आशा भोसले के साथ
कुछ ख़ास गायिकाओं के नग़मों को बड़ी ख़ूबसूरती से पेश किया।
उनके साथ माला स्टीफन्स, सोनाली थाळनेरकर, सीमा भटनागर और गायक रविन्द्र मराठे ने भी
solo और duet songs की प्रस्तुतियाँ दीं।
और बेशक स्वरदा के गायकों ने फिल्मी संगीत की इस शाम को
अपनी सुरीली गायिकी और सजीले अंदाज़ से यादगार बना दिया।….
…..आमतौर पर ऐसे आयोजनों में Female Duets कम ही सुनने को मिलते हैं,
लेकिन इस शाम ऐसे गीत सबसे बड़ी विशेषता बनकर उभरे।
कलाकारों का बढ़िया तालमेल, उनकी गर्मजोश गायिकी
और बेहतरीन synchronization ने
सुनने वालों का दिल जीत लिया
ख़ास तौर पर – ‘हुज़ूरेवाला जो हो इजाज़त’, ‘हमार कहाँ मानो रामजी’,
‘तुमको पिया दिल दिया कितने नाज़ से’ और
‘अजी चले आओ’ जैसी प्रस्तुतियों पर
देर तक तालियां गूँजती रही।
दर्शकों ने Standing ovation देकर कलाकारों का हौसला बढ़ाया।….
…..कार्यक्रम में सपना ने ‘आ जाने जां’ और रविन्द्र मराठे के साथ
‘आ रात जाती है चुपके से’ गाकर समां बांधा।
वहीं माला ने ‘मेहरबां महबूब’, ‘मेरा नाम चिन-चिन चू’ और
रविंद्र मराठे के साथ ‘छोड़कर तेरे प्यार का दामन’ प्रस्तुत किया।
सोनाली ने ‘मूंगड़ा मूंगड़ा’ और ‘ये मेरा दिल प्यार का दीवाना’ पर
दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
सीमा ने ‘आओ न गले लगाओ न’ और ‘उई माँ उई माँ’ जैसी शानदार प्रस्तुतियां दीं।….
……रविन्द्र मराठे ने ‘ओ हसीना ज़ुल्फों वाली’, ‘हम काले है तो क्या हुआ’ और ‘महबूबा महबूबा’ गाकर
पूरी महफ़िल में रंग जमा दिया।
संगीत की इस महफिल में दो दर्जन से अधिक सदाबहार गीत पेश किये गये।
कार्यक्रम का संचालन जावेद ने किया।
उन्होंने हेलेन के संघर्ष, फिल्मी सफ़र, परिवार को याद किया।
उनसे जुड़ी बहुत सी अनसुनी दास्ताने सुनाईं।
उन क़िस्सों ने सुनने वालों की दिलचस्पी और भी बढ़ा दी।….
…..कार्यक्रम में कौन से गीत पेश किये गये ?
उनकी फिल्मों के नाम क्या है ?
आइये इसके बारे में भी जान लेते हैं:
इस फेहरिस्त में पहला नाम फिल्म हलाकू के गीत अजी चले आओ का है…बाक़ी के गीत हैं…;
‘मेहरबां महबूब दिलबर जानेमन’ – फिल्म ‘आंसू बन गए फूल’
‘आओ ना गले लगाओ ना’ – फिल्म मेरे ‘जीवन साथी’
‘आ जाने जा’ – फिल्म ‘इंतकाम’
‘आज की रात कोई आने को है’ – फिल्म ‘अनामिका’
‘हुज़ुरेवाला जो हो इजाज़त’ – फिल्म ‘ये रात फिर ना आएगी’
‘हमार कहाँ मानो रामजी’ – फिल्म ‘आशिक’
‘आ रात जाती है चुपके से मिल जाय’ – फिल्म ‘बेनाम’
‘छोड़ के तेरे प्यार का दामन’ – फिल्म ‘वो कौन थी’
‘गुस्ताख़ नज़र चेहरे से हटा’ – फिल्म ‘जाली नोट’
‘हम तेरे बिन जी ना सकेंगे सनम’– फिल्म ‘ठाकुर जरनैल सिंह’
‘तेरा जादू न चलेगा ओ सपेरे’ – फिल्म ‘गेस्ट हाउस’
‘इस दुनिया में जीना हो तो सुन लो मेरी बात’ – फिल्म ‘गुमनाम’
‘तू मूँगड़ा मूँगड़ा मैं गुड़ की डली’– फिल्म ‘इन्कार’
‘उई माँ उई माँ ये क्या हो गया’ – फिल्म ‘पारस’
‘तुमको पिया दिल दिया’ – फिल्म ‘शिकारी’
‘मैंने कहा था आना सन्डे को’ – फिल्म ‘उस्तादों के उस्ताद’
‘वो एक निगाह क्या मिली’ – फिल्म ‘हाफ टिकट’
‘पिया तू अब तो आ जा’ – फिल्म ‘कारवां’
‘ये मेरा दिल प्यार का दीवाना’ – फिल्म ‘डॉन’
‘मेरा नाम चिन चिन चू’ – फिल्म ‘हावड़ा ब्रिज’
‘ओ हसीना जुल्फों वाली’ –– फिल्म ‘तीसरी मंज़िल’
‘हम काले है तो क्या हुआ’ – फिल्म ‘गुमनाम’ और
‘महबूबा महबूबा’ – फिल्म ‘शोले’….;
इंदौर स्टूडियो की रिपोर्ट।

