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कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। उपन्यास ‘गुलारा बेगम’ के पंजाबी भाषा में प्रकाशित अनुवाद को 50 हज़ार के अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया है। अनुवाद पंजाब के श्री जगदीश राय कुलरियाँ ने किया है। इस उपन्यास के मूल लेखक डॉ.शरद पगारे हैं।
अब तक 11 संस्करण प्रकाशित: व्यास सम्मान से विभूषित डॉ.पगारे ने उपन्यास को हिन्दी में लिखा है। इसके अब तक 11 संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं। साथ ही पंजाबी के अतिरिक्त इस उपन्यास के मराठी, गुजराती, उर्दू और मलयालम में भी अनुवाद प्रकाशित हुए हैं। उर्दू संस्करण की तो पाकिस्तान में भी चर्चा है।
मप्र साहित्य परिषद से मिला था पुरस्कार: गुलारा बेगम श्री पगारे का पहला उपन्यास है जिसे मध्यप्रदेश साहित्य परिषद ने प्रकाशन के पहले ही वर्ष विश्वनाथ सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया था। श्री पगारे ऐतिहासिक उपन्यास लेखन को नया मोड देने के लिये जाने जाते हैं। आपके अब तक 8 उपन्यास और 10 कथा संग्रह प्रकाशित हुए हैं। इसके अतिरिक्त इतिहास विषय पर भी उनकी 15 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है।

